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जबलपुर नगर निगम में 31 जुलाई से बंद होगा ऑनलाइन बिल्डिंग एप्रूवल सिस्टम-1 (एबीपीएएस-1) का सॉफ्टवेयर, ये है कारण

31 जुलाई से बंद होगा ऑनलाइन बिल्डिंग एप्रूवल सिस्टम-1 (एबीपीएएस-1) का सॉफ्टवेयर, स्वीकृत प्रकरणों में राशि जमाकर हस्ताक्षरित नक्शा प्राप्त करने अनुज्ञाधारियों को दो दिन की मोहलत,
शासन ने पुराने सॉफ्टवेयर पर रोक लगाने का लिया निर्णय, 1 अगस्त से सिर्फ़ साफ्टवेयर (एबीपीएएस-2) रहेगा लागू – निगमायुक्त श्री अनूप कुमार सिंह

जबलपुर। नगर निगम द्वारा आम नागरिकों को घर बैठे ऑन लाइन बिल्डिंग एप्रूवल सिस्टम – 1 (एबीपीएएस-1) साफ्टवेयर के माध्यम से नक्शा पास कर उपलब्ध कराने की सुविधा प्रारंभ की गयी। अब मध्यप्रदेश शासन एवं नगर निगम के प्रशासक  महेश चन्द्र चौधरी की पहल पर इस ऑन लाइन सुविधा को और सरलीकृत किया गया है, जिसके तहत् आम नागरिकों को अब सरलीकृत ऑन लाइन बिल्डिंग एप्रूवल सिस्टम-2 (एबीपीएएस-2) के माध्यम से घर बैठे नक्शा पास करने की प्रणाली लागू रहेगी।

इस संबंध में निगमायुक्त श्री अनूप कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पुराने साफ्टवेयर 1 के अंतर्गत जिन अनुज्ञा धारियों ने नक्शा पास करने ऑन लाइन आवेदन दिये हैं, जिनके नक्शे निर्धारित फीस जमा न करने की स्थिति में ऑन लाइन जारी नहीं किये गए हैं।

ऐसे सभी अनुज्ञाधारियों को 29 जुलाई 2020 तक मोहलत दी गई है, कि सभी भवन अनुज्ञाधारी 29 जुलाई के पूर्व अर्थात 2 दिवस के अंदर अनुज्ञा के लिए निर्धारित फीस जमा करें, जिससे कि हस्ताक्षरित नक्शे ऑन लाइन जारी हो सके। अनुज्ञा जारी करने के संबंध में भवन अधिकारी श्री अजय शर्मा ने बताया कि यदि अनुज्ञाधारी 29 जुलाई तक फीस जमा नहीं करते हैं तो ऐसी स्थिति में उनका प्रकरण स्वयं निरस्त माना जायेगा और उन्हें फिर से ऑन लाइन बिल्डिंग एप्रूवल सिस्टम-2 (एबीपीएएस-2) के माध्यम से आवेदन जमा करना होगा।

उल्लेखनीय है कि संभागायुक्त एवं नगर निगम के प्रशासक श्री महेश चन्द्र चौधरी एवं निगमायुक्त श्री अनूप कुमार सिंह के द्वारा लंबित भवन अनुज्ञा प्रकरणों की लगातार समीक्षा की गयी और सभी प्रकरणों को अनुज्ञाधारियों के हित में परीक्षण कर उन्हें तत्काल राहत प्रदान करने के निर्देश दिये गए थे, जिसके अंतर्गत भवन अधिकारी अजय शर्मा के द्वारा सभी लंबित प्रकरणों की सूची तैयार कर अपने अधिनस्त यंत्रियों के माध्यम से परीक्षण कराकर विचाराधीन भवन अनुज्ञा की स्वीकृति देकर अनुज्ञाधारियों को राहत प्रदान की है।

इससे एक ओर भवन अनुज्ञाधारियों को समय पर घर बैठे नक्शा प्राप्त होगा वहीं दूसरी ओर उससे नगर निगम की आय में बढ़ोतरी हुई है। अब नई प्रणाली के अंतर्गत और अधिक भवन अनुज्ञाधारियों को राहत मिलेगी।

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