जबरन कैब में घुसा पुलिसवाला और महिला से बोला- तेरे बाप की गाड़ी नहीं है

मुंबई। एक तरफ मुंबई पुलिस अपनी छवि चमकाने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी ओर वर्दी पर दाग लगाने वाली खबर आई है। एक महिला के साथ हुए इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या खाकी वर्दी पुलिस को मनमानी करने की छूट देती है।

घटनाक्रम महिला पत्रकार रचिता प्रसाद के साथ हुआ। बकौल रचिता, पुलिस उनकी कैब में जबरन घुसी और अपशब्दों का इस्तेमाल किया।

रचिता ने अपने ट्वीट में लिखा, मेरी कैब सीएसटी पर ट्रैफिक में फंस गई। तभी मुंबई पुलिस का एक बंदा आया, जबरन कार का दरवाजा खुलवाया और आगे की सीट पर ड्राइवर के पास बैठ गया। वो चाहता था कि कैब उसे वहां तक छोड़ कर आए, जहां तक उसे जाना है।

रचिता ने विरोध किया तो पुलिस वाले ने कथिततौर पर यह भी कहा कि ‘तेरे बाप की गाड़ी नहीं है।’

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