SpiceJet GST Crisis: स्पाइसजेट पर टूटा ₹124 करोड़ का टैक्स बम; महीनों से नहीं भरा रिटर्न, GST रजिस्ट्रेशन रद्द करने का नोटिस; सोमवार को शेयर क्रैश होने की आशंका
SpiceJet GST Crisis: स्पाइसजेट पर टूटा ₹124 करोड़ का टैक्स बम; महीनों से नहीं भरा रिटर्न, GST रजिस्ट्रेशन रद्द करने का नोटिस; सोमवार को शेयर क्रैश होने की आशंका

नई दिल्ली: देश की प्रमुख बजट एयरलाइन स्पाइसजेट (SpiceJet) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कंपनी पर वस्तु एवं सेवा कर (GST) रिटर्न दाखिल न करने के चलते 124.65 करोड़ रुपये से ज्यादा की टैक्स देनदारी का पहाड़ टूट पड़ा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि जीएसटी विभाग ने कंपनी का जीएसटी रजिस्ट्रेशन (GST Registration) रद्द करने का ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी कर दिया है।
इस बड़े वित्तीय संकट का सीधा और तगड़ा झटका सोमवार (1 जून, 2026) को शेयर बाजार खुलने पर स्पाइसजेट के निवेशकों को लग सकता है, जहां कंपनी के शेयरों में भारी बिकवाली और बड़ी गिरावट (Crash) की आशंका जताई जा रही है।
लापरवाही पड़ी भारी: 25 मई को जारी हुआ अल्टीमेटम नोटिस
न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) की रिपोर्ट के मुताबिक, स्पाइसजेट ने पिछले कई महीनों से अपना नियमित जीएसटी रिटर्न ही दाखिल नहीं किया है। इस बड़ी लापरवाही को देखते हुए विभाग ने बेहद सख्त रुख अपनाया है:
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रजिस्ट्रेशन रद्द करने की चेतावनी: सीजीएसटी (CGST) और एसजीएसटी (SGST) अधिनियम, 2017 की धारा 62 के तहत प्रोविजनल असेसमेंट करने के बाद विभाग ने 25 मई, 2026 को कंपनी को नोटिस थमाया है।
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क्या पूछा गया है: नोटिस में एयरलाइन से स्पष्ट पूछा गया है कि टैक्स न चुकाने और नियमों का उल्लंघन करने पर क्यों न उसका जीएसटी रजिस्ट्रेशन ही हमेशा के लिए रद्द कर दिया जाए। नोटिस मिलने के बाद भी एयरलाइन ने अब तक पेंडिंग रिटर्न फाइल नहीं किए हैं।
हर महीने बढ़ता गया बकाया: देखें टैक्स डिमांड के आंकड़े
अधिकारियों के मुताबिक, स्पाइसजेट लंबे समय से टैक्स असेसमेंट में अनियमितता बरत रही थी, जिसके कारण यह बकाया महीने-दर-महीने बढ़ता चला गया:
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नवंबर 2025: ₹44.44 करोड़
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दिसंबर 2025: ₹43.79 करोड़
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जनवरी 2026: ₹12.19 करोड़
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फरवरी 2026: ₹12.10 करोड़
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मार्च 2026: ₹12.12 करोड़
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कुल टैक्स डिमांड: ₹124.65 करोड़
सोमवार को क्रैश हो सकता है शेयर; 52 हफ्ते के हाई से 73% टूटा
इस पूरी खींचतान का सबसे बड़ा नुकसान कंपनी के आम निवेशकों को उठाना पड़ सकता है। शुक्रवार, 29 मई को बीएसई (BSE) पर कंपनी का शेयर महज 12.75 रुपये पर बंद हुआ था। निवेशकों के लिए यह साल किसी बुरे सपने जैसा साबित हो रहा है:
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2026 में अब तक: शेयर करीब 60 प्रतिशत टूट चुका है।
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पिछले 1 साल में: इसमें 70 प्रतिशत से ज्यादा की भारी गिरावट आई है।
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52 हफ्ते का उच्चतम स्तर: अपने हाई से यह शेयर लगभग 73 प्रतिशत नीचे आ चुका है। वर्तमान में कंपनी का मार्केट कैप गिरकर 1,900 करोड़ रुपये के आसपास रह गया है।
मुनाफे से सीधे ₹261 करोड़ के भारी घाटे में पहुंची एयरलाइन
कंपनी की वित्तीय रीढ़ की हड्डी पूरी तरह टूट चुकी है। प्रमोटर्स के पास मार्च 2026 के आखिर तक महज 24.19 प्रतिशत हिस्सेदारी बची थी। कंपनी ने अभी तक जनवरी-मार्च 2026 (Q4) तिमाही के नतीजे भी घोषित नहीं किए हैं।
अगर इससे पिछली तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) की बात करें, तो स्पाइसजेट को 261.38 करोड़ रुपये का भारी-भरकम कंसोलिडेटेड शुद्ध घाटा झेलना पड़ा था। जबकि ठीक एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी 20.43 करोड़ रुपये के शुद्ध मुनाफे में थी। हालांकि, ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 14% बढ़कर 1,408 करोड़ रुपये जरूर हुआ था, लेकिन बेकाबू खर्चों और बकाये ने मुनाफे को मटियामेट कर दिया।








