Supreme Court Judges 2026: सुप्रीम कोर्ट को मिले 5 नए जज, CJI सूर्यकांत ने दिलाई शपथ; वकालत से सीधे जज बनने वालीं VS मोहना बनीं देश की दूसरी महिला
Supreme Court Judges 2026: सुप्रीम कोर्ट को मिले 5 नए जज, CJI सूर्यकांत ने दिलाई शपथ; वकालत से सीधे जज बनने वालीं VS मोहना बनीं देश की दूसरी महिला
नई दिल्ली: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने आज सुप्रीम कोर्ट के सभागार में आयोजित एक गरिमामयी विधिक समारोह में पांच नए जजों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इन महत्वपूर्ण नियुक्तियों के साथ ही सर्वोच्च न्यायालय में जजों की कुल संख्या बढ़कर 37 हो गई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बीते 27 मई को इन नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी, जिसे केंद्र ने संवेदनशीलता दिखाते हुए महज चार दिनों के भीतर हरी झंडी दे दी।
इन पांच नए जजों ने ली पद की शपथ
सुप्रीम कोर्ट में शामिल होने वाले नए जजों में देश के दिग्गज हाई कोर्ट्स के मुख्य न्यायाधीश और बार के वरिष्ठ नाम शामिल हैं:
- जस्टिस वी. एस. मोहना (Venkita Subramani Mohana): सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील (बार से सीधे नियुक्ति)।
- जस्टिस श्री चंद्रशेखर: बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश।
- जस्टिस शील नागू: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश।
- जस्टिस संजीव सचदेवा: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश।
- जस्टिस अरुण पल्ली: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश।
बार से सीधे सुप्रीम कोर्ट जज बनने वाली दूसरी महिला बनीं जस्टिस मोहना
इस पूरे घटनाक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकिता सुब्रमणि मोहना की नियुक्ति बेहद ऐतिहासिक है:Supreme Court Judges 2026: सुप्रीम कोर्ट को मिले 5 नए जज, CJI सूर्यकांत ने दिलाई शपथ; वकालत से सीधे जज बनने वालीं VS मोहना बनीं देश की दूसरी महिला
- ऐतिहासिक रिकॉर्ड: साल 2018 में जस्टिस इंदु मल्होत्रा के बाद 59 वर्षीय वीएस मोहना देश की दूसरी ऐसी महिला वकील हैं, जिन्हें सीधे बार (वकालत) से प्रमोट करके सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया है।
- विधिक सफर: 1988 में कोयंबटूर लॉ कॉलेज से वकालत की पढ़ाई पूरी करने वाली मोहना को साल 2015 में ‘वरिष्ठ अधिवक्ता’ का दर्जा मिला था।
- शीर्ष अदालत में महिला शक्ति: जस्टिस मोहना की नियुक्ति के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में दो महिला जज हो गई हैं— जस्टिस वीएस मोहना और जस्टिस बीवी नागरत्ना। उल्लेखनीय है कि जस्टिस नागरत्ना साल 2027 में एक महीने से अधिक समय के लिए भारत की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश (CJI) बनने वाली हैं।
स्वीकृत संख्या 34 से बढ़कर हुई 38, अब केवल 1 पद रिक्त
केंद्र सरकार ने पिछले महीने ही एक विशेष अध्यादेश (Ordinance) के जरिए सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या को 34 से बढ़ाकर 38 (CJI सहित) कर दिया था।
- वर्तमान स्थिति: संख्या बढ़ने के बाद कोर्ट में कुल 6 पद खाली थे। आज 5 नए जजों की जॉइनिंग के बाद अब स्वीकृत 38 पदों में से केवल 1 पद रिक्त रह गया है।
- आगामी रिटायरमेंट: हालांकि, जून के इसी महीने में दो वरिष्ठ जज सेवानिवृत्त होने वाले हैं। जस्टिस पंकज मिथल 16 जून को और जस्टिस जे के माहेश्वरी 28 जून को रिटायर हो जाएंगे, जिसके बाद कॉलेजियम को पुनः नए नामों पर विचार करना होगा।








