जबलपुर,नगर प्रतिनिधि। गाइड के हाथों शोधार्थियों का उत्पीडऩ अब सामान्य बात हो गई है। रिसर्च स्कॉलर से पेपर चेक कराना व गाइड द्वारा घर का काम कराना आम बात है। बावजूद थीसिज जमा न होने के कारण शोधकर्ता पीएचडी अधर में छोडऩे पर विवश हैं। घर बुलाकर विभिन्न प्रकार के घर के कार्य गाइड द्वारा अपने स्कॉलर से करवाए जाते हैं । कुछ गाइडों द्वारा गुरु शिष्य की परंपरा की मर्यादा को लांघते हुए फीमेल स्कॉलर्स के साथ विभिन्न प्रकार की शर्तें रख दी जाती हैं जिसके चलते कुछ लड़कियों द्वारा बीच में ही पीएचडी छोड़ दी जाती है। तथा मेल स्कॉलरस को गाइडों द्वारा घर का नौकर बनाकर रखा जाता है करें तो क्या करें विचारे स्कॉलर्स अपनी पीएचडी को कंप्लीट करने के लिए कुछ भी करने तैयार होते हैं। जाते जाते थीसिस सबमिट होने के उपरांत इनसे लाखों के गिफ्ट लिए जाते हैं ।
गाइडों का अलग कैरेक्टर आ रहा है सामने
जहां एक तरफ गुरु शिष्य की परंपरा भारत देश की पहचान थी, नहीं आज पीएचडी कराने के नाम पर गाइडों ने स्कॉलर्स के शोषण करने के अलावा कुछ नहीं छोड़ा है। कुछ फीमेल्स नाम ना बताने की शर्त पर यह बताती हैं कि कुछ गाइड उन्हें मैसेज में बात करने के लिए कहते हैं उनका कहना होता है कि आप हमें एंटरटेन करें बाकी आपकी पीएचडी हम पर छोड़ दें, जिसके चलते कुछ लड़कियां बीच में ही अपनी पीएचडी छोड़ देती हैं।
लैब में लगाओ झाड़ू और पोंछा
कुछ जगहों पर तो हद तब हो जाती है जब इन पढ़े लिखे युवाओं से गाइड्स द्वारा झाड़ू पोंछा के साथ बर्तन साफ करवाए जाते हैं तथा लैब में साफ सफाई के कार्य करवाए जाते हैं। कुछ जगह तो स्कॉलर्स बताते हैं कि लैब। में साफ सफाई के कार्य के लिए चपरासी रखे गए हैं फिर भी उन्हें रोककर गाइड द्वारा लैब की साफ सफाई की जाती हैं।
फेसबुक व्हाट्सएप पर बात करो
कुछ ठरकी गाइड्स तो हद तक कर देते हैं जब उनके द्वारा फीमेल्स स्कॉलर को इस बात के लिए प्रताड़ित किया जाता है कि अगर तुम्हें पीएचडी कर रही है तो रोज कम से कम 5 से 10 मैसेज व्हाट्सएप और फेसबुक में करके हमें एंटरटेन करो।
मेल स्कॉलर्स को तो बना दिया है घर का नौकर
कुछ जगहों पर मेल स्कॉलर्स को तो घर का नौकर बनाकर रख लिया गया है जहां पर स्कॉलर्स गाइड्स के घर का काम करते हैं जैसे गाइड के घर का गेहूं पिसवाना, घर के कुत्ते को नहलाना, घर में चौकीदारों जैसे घर की देखरेख करना इत्यादि प्रकार के घर के कार्य।
