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कोरोना वायरस वैक्सीन: स्वदेशी टीका 90 फीसदी से भी ज्यादा बना रहा एंटीबॉडी

वेब डेस्क । कोरोना वायरस के टीके को लेकर बड़ी राहत मिली है। वायरस को आइसोलेट करने और गहन अध्ययन के बाद भारत में तैयार स्वदेशी टीका 90 फीसदी से भी ज्यादा एंटीबॉडी शरीर में बना रहा है।

दो में से एक चरण के परिणाम कंपनी ने आईसीएमआर के साथ साझा किए हैं। जिसमें यह पता चला है कि टीका देने के बाद ज्यादातर लोगों के शरीर में एंटीबॉडी बने हैं जो उन्हें वायरस से बचाव कर रहे हैं।

अभी तक इस टीके के परिणाम संतोषजनक : डॉक्टर रॉय
आईसीएमआर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि पुणे स्थित एनआईवी वैज्ञानिकों की मदद से भारत बायोटेक ने कोवाक्सिन नामक टीका तैयार किया था जिन लोगों को टीका दिया गया। उनमें 90 फीसदी से अधिक में एंटीबॉडी मिले हैं।

दिल्ली एम्स के नोडल अधिकारी डॉक्टर संजय राय ने बताया कि 1 सप्ताह पहले ही को वापसी की दूसरी डोरज 50 लोगों को दी गई है। अभी उन लोगों की निगरानी चल रही है। डॉक्टर का कहना है कि अभी तक इस टीके के परिणाम संतोषजनक है।

10 देशों में परीक्षण की तैयारी
जानकारी के अनुसार, तीसरे चरण पार करने के बाद भी अगर परिणाम समान रहते हैं तो इस टीके को आम जनता के लिए उपलब्ध कराया जा सकेगा। तीसरे चरण के तहत हजारों लोगों पर परीक्षण होता है। इसलिए भारत बायोटेक कंपनी की ओर से दुनिया के 10 देशों में या परीक्षण कराने का फैसला लिया है। कंपनी की ओर से बातचीत चल रही है। तीसरे चरण के तहत इस स्वदेशी टीके का 25 हजार लोगों पर परीक्षण किया जाएगा। भारत में करीब 12 से 14 राज्यों में यह परीक्षण होगा।

अभी तक 2 चरणों के तहत एक हजार लोगों को टीका दिया है। इनमें काफी अच्छा परिणाम देखने को मिल रहा है। 90 फीसदी से अधिक लोगों में पर्याप्त एंटीबॉडी देखे गए हैं। एंटीबॉडी बनने के बाद कोरोना वायरस से बचाने में मदद मिल सकती है।   – साई प्रसाद, निदेशक, भारत बायोटेक

 

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