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कॉल मी! पर्ची पर लिखा नंबर मिलाते ही बहक जाते थे फौजी

मेरठ। मेरठ में हनी ट्रैप में फौजियों को फंसाने वाली युवती समेत दो आरोपियों को जेल भेज दिया गया। अब पुलिस के साथ आईबी और एटीएस भी युवती से इस बात की जानकारी करने में जुटी है कि कहीं जाल में फंसाए गए फौजियों से युवती ने सुरक्षा संबंधी जानकारियां तो नहीं ली हैं। अभी तक की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी युवती सेना के जवानों को फंसाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाती थी -पुलिस पूछताछ में युवती ने कई रहस्य खोले, लेकिन अभी कई फौजियों के राज उसके पास से बरामद पांच मोबाइल फोन में छुपे हैं। पूछताछ में सामने आया कि शिकायत करने वाले फौजी टिकटॉक के जरिए युवती के जाल में फंसे थे। वहीं युवती ने बताया कि वह खुद सार्वजनिक स्थानों, शॉपिंग माल्स व बाजारों में खरीदारी करने आए फौजियों को भरी भीड़ में एक पर्ची पर नंबर लिखकर फेंक देती थी। बस यहीं से उसका काला खेल शुरू होता था। बताया कि पर्ची उठाने के बाद फौजी खुद उसे कॉल करते। बातचीत का सिलसिला शुरू होता और युवती फौजी को अपनी तस्वीरें व सोशल मीडिया की जानकारी उसे भेजकर विश्वास में ले लेती। इसके बाद युवती फौजी को होटल में मिलने के लिए बुलाती। हाल ही में हरियाणा के एक फौजी को उसने मेरठ के होटल में बुलाया था। बस तभी से पुलिस इस युवती की तलाश में जुट गई थी। पुलिस ने 23 दिसंबर को शास्त्रीनगर के एक साइबर कैफे से युवती और उसके एक साथी को धर दबोचा। पुलिस पूछताछ में युवती और उसके साथी अंकुर ने फौजियों को हनी ट्रैप में फंसाने की दर्जन भर वारदातें करना कबूल किया है। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। युवती को रिमांड पर लिए जाने के मांगी की गई है। युवती एक पर्ची पर अपना मोबाइल नंबर लिखती, इसके नीचे कॉल मी! ईशा गुप्ता लिखकर फौजी के सामने फेंक देती। जैसे ही फौजी पर्ची उठाता, युवती उसे फंसाने की पटकथा तैयार कर चुकी होती थी।

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