कॉलोनियों में पानी भरा तो कॉलोनाइजर के विरुद्ध होगी कार्यवाही

जबलपुर। वर्षा के दौरान यदि कहीं किसी कॉलोनियों में जलप्लावन की स्थिति निर्मित होती है और कोई घटना दुर्घटना घटित होती है तो ऐसी स्थिति में संबंधित कॉलोनाईजर के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।
इसके साथ साथ नगर निगम के जोन प्रभारी अधिकारी, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक तथा वार्ड सुपरवाईजरों की भी जबावदेही तय कर उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी। उक्त निर्देश आज सफाई व्यवस्था एवं वर्षा जल निकासी को सुचारू बनाए जाने के संबंध में निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त श्री अनूप कुमार सिंह ने प्रदान किये।

आज निगमायुक्त श्री अनूप कुमार सिंह ने कचनार सिटी, कौशल्या एग्जॉटिका, परोहा विजन अपार्टमेंट, सिविक सेन्टर, मालवीय चौक, सहित अनेक क्षेत्रों का निरीक्षण किया और जल भराव और जल निकासी के संबंध में अधिकारियों से जानकारी लेकर आगे की कार्यवाही जिससे कि वर्षा के दौरान जल भराव की निकासी सुगमतापूर्वक हो सके इसके लिए कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। निरीक्षण के मौके पर निगमायुक्त ने देखा कि कई बिल्डरों एवं कॉलोनाईजरों के द्वारा कॉलोनियॉं विकसित की गई हैं तथा प्रोजेक्ट डिवलप किया गया है परन्तु वहॉं पर निकासी की कोई व्यवस्था नहीं कराई गयी है जिसके कारण वहॉं के रहवासियों को वर्षाऋतु के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए उन्होंने नगर निगम के कॉलोनी सेल को निर्देशित किया है कि ऐसे सभी बिल्डरों और कॉलोनाईजरों को नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त करनें और यदि उनके स्पष्टीकरण संतोषजनक न हों तो उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करें। इस दौरान उन्होंने आम नागरिकों से भी चर्चा की और उनसे भी कहा कि निर्मित भवन एवं भू-खण्ड खरीदते समय जल निकासी एवं शासकीय विभागों की स्वीकृति जॉंच करने के उपरांत ही कोई अनुबंध करें।
कचनार सिटी कॉलोनी के निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त श्री अनूप कुमार सिंह को क्षेत्रीय नागरिको ंके द्वारा षिकायत की गई कि घर-घर से कचरा एकत्रिकरण करने की गाड़ियॉं प्रतिदिन नहीं आती है, हर तीसरे-चौथे दिन गाड़ियॉं आती हैं, जिसपर निगमायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसी शिकायतों पर पंचनामा तैयार करें और डोर टू डोर कलेक्शन करने वाली एजेन्सी के पदाधिकारियों को अवगत कराते हुए उनके विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें। निगमायुक्त ने निरीक्षण के दौरान यह भी कहा कि जिनके द्वारा नाली अवरूद्ध कर निकासी की व्यवस्था को अवरूद्ध किया गया है उनके खिलाफ सीधे एफ.आई.आर. दर्ज कराई जावे। उन्होंने सिविक सेन्टर एवं उसके आस पास के क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान देखा कि दुकानदारों के द्वारा दुकानों के सामने डस्टबिन नहीं रखे गए हैं और दुकानों का कचरा सड़कों पर अथवा नाला नालियों में फेके जा रहे हैं जिसके कारण अधिकतर नालियॉं चोक हो रहीं हैं। इस पर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि दुकानदारों के विरूद्ध भारी जुर्माना लगाया जाये। इस अवसर पर उन्होंने दुकानदारों को भी चेतावनी दी कि दुकानों के बाहर डस्टबिन रखें नही ंतो अपनी दुकाने बंद कर दें। इस मौके पर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, भवन शाखा एवं पी.डब्लू.डी. के अधिकारियों को निर्देशित किया कि एक दूसरे से समन्वय बनाकर जल निकासी व्यवस्था को सुगम बनाए ताकि कहीं पर भी जल प्लावन न हो।
इस अवसर पर स्वास्थ्य अधिकारी श्री भूपेन्द्र सिंह, कार्यपालन यंत्री श्री आर.के. गुप्ता, श्री बाहुवली जैन, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी श्री आर.पी. गुप्ता, श्री के.के. दुबे, श्री अनिल बारी, प्रभारी मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक श्री धर्मेन्द्र राज, श्रीमती हर्षा पटैल, श्री कालूराम सोलंकी, श्री अर्जुन यादव, श्री अतुल रैकवार, भवन शाखा से श्री केदार पटैल, श्री विमलेश पाठक, आदि उपस्थित रहे।








