कुपोषितों को 10 रुपए किलो में मूंग दाल नहीं दे पा रही सरकार

जबलपुर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कुपोषण ग्रस्त परिवारों को 10 रुपए किलो के भाव में मूंग दाल देने का ऐलान किया था। इस घोषणा को पूरे चार महीने हो चुके हैं लेकिन, सीएम की घोषणा अब तक धरातल पर नहीं उतर पाई।
दरअसल, चार महीने में भी मप्र शासन, खाद्य आपूर्ति विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम और मप्र विपणन संघ भी मिलकर यह तय नहीं कर पा रहे कि, 70 से 80 रुपए किलो के भाव बिक रही मूंग दाल को 10 रुपए किलो में कैसे उपलब्ध कराएं। गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर को कराहल कस्बे में कुपोषण के विरुद्ध जंग अभियान का आगाज किया गया था।
इस कार्यक्रम में 60 हजार से ज्यादा आदिवासी व अन्य के सामने सीएम ने ऐलान किया कि, कुपोषणग्रस्त परिवार के हर सदस्य को हर महीने 10 रूपये किलो के भाव में मूंग दाल उपलब्ध कराई जाएगी। यह मूंग दाल हर पीडीएस दुकान से मिलना था। इस घोषणा को पूरे चार महीने हो गए लेकिन, अब तक किसी भी पीडीएस दुकान पर मूंग दाल आने की सुगुबुगाहट तक नहीं है।
विभाग के अफसर सिर्फ इतना बता पा रहे हैं कि, भोपाल से ही यह घोषणा अमल में नहीं आ पाई है। अब तक योजना के तहत मूंग दाल का आवंटन तक नहीं किया गया है।
घाटा कौन विभाग भुगतेगा, इस कारण अड़चन
पिछले साल प्रदेश सरकार ने समर्थन मूल्य पर 38 रूपये किलो के भाव सें मूंग की खरीदी की थी। यही साबुत मूंग को 10 रुपए किलो में कुपोषित परिवारों को दिया जाना था लेकिन, 38 रुपए के भाव खरीदी गई दाल को 10 रुपए के भाव में कैसे बेचा जाए। इससे होने वाले घाटे को नागरिक आपूर्ति निगम, खाद्य आपूर्ति विभाग, मप्र विपणन संघ में से कौन झेलेगा? इसी बात को लेकर प्रदेश सरकार अब तक मूंग दाल का वितरण शुरू नहीं करा पा रही है।
प्रदेश सरकार द्वारा इस तरह का कोई भी आदेश हमारे पास नहीं आया है इस तरह की घोषणा की कोई जानकारी नहीं है यदि ऐसी कोई योजना आती है तो उसकी व्यवस्था की जायेगी।
विकास नरवाल
एमडी, नागरिक आपूर्ति निगम








