Thursday, April 30, 2026
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कटर से छात्रा ने खुद ही काटा पेट और सामूहिक दुष्कर्म की गढ़ ली कहानी, पुलिस ने ऐसे पता की सच्चाई

Crime File Indore। अपहरण, जानलेवा हमला और सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली 19 वर्षीय छात्रा बुधवार शाम पुलिस के सामने टूट गई। उसने पूर्व परिचित को फंसाने के लिए षड़यंत्र रचा था। छात्रा पूर्व में भी चार मुकदमें दर्ज करवा चुकी हैं। वह पुराने केस और दोस्ती को लेकर तनाव में रहती थी।
आइजी हरिनारायणाचारी मिश्र के मुताबिक मामले में अब रिपोर्ट खारिज की जाएगी और कोर्ट में छात्रा के विरुद्ध इस्तगाशा पेश होगा।
परदेशीपुरा निवासी 19 वर्षीय छात्रा ने मंगलवार सर्वहारा नगर निवासी अक्षय गुप्ता सहित पांच युवकों पर अपहरण, जानलेवा हमला, दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी। बाणगंगा और परदेशीपुरा थाना के पुलिस अफसरों ने रातभर जांच कर पता किया तो इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि छात्रा झूठ बोल रही है।
बुधवार शाम छात्रा, उसके पति, भाई और मां से अलग-अलग बयान लिए तो वह टूट गई और कहा मुझसे गलती हो गई। मैं अवसाद में थी और आत्महत्या करने की ठानकर घर से निकली थी। रेलवे ट्रैक पर पहुंचने पर इरादा बदल गया और केरोसिन खरीदकर शरीर पर उड़ेल लिया। बैग में रखें कटर से शरीर पर घाव बनाए और अक्षय और उसके साथियों पर आरोप लगा दिया।
छात्रा की कहानी: स्प्रे कर बेहोश किया, दुष्कर्म कर वीडियो बनाया

 

बीकॉम की छात्रा ने कहा मैं कोचिंग क्लास गई थी। मालवा मील के समीप बाइक सवारों ने स्प्रे कर दिया। मुर्छित अवस्था में पहुंचने पर अगवाकर लिया। होश में आई तो देखा मैं एक कमरे में हूं। वहां तीन दूसरे युवक भी थे। उन्होंने मेरे साथ दुष्कर्म किया। मुझसे कहा तेरा वीडियो बना लिया है। जब मैंने रिपोर्ट की धमकी दी तो इंजेक्शन लगाकर बेहोश कर दिया। चाकू से हमला कर दिया और एक बोरे में भरकर पटरियों पर फेंक दिया। जैसे तैसे निकली और राहगीर से मोबाइल लेकर मां को कॉल किया। एमवाय अस्पताल में उसने फेसबुक पर फोटो देख अक्षय को पहचान लिया कहा वह घटना में शामिल था।

 

ऐसे खुली पोल: कोचिंग क्लास से लेकर पटरी तक छानबीन

 

एएसपी शशिकांत कनकने, सीएसपी निहित उपाध्याय फोरेंसिक अफसरों को लेकर घटना स्थल पर पहुंचे। वहां उस व्यक्ति से पूछताछ की जिसके फोन से कॉल किया था। उसने कहा कि मैंने लड़की को सामान्य अवस्था में आते देखा था। इसके बाद पाटनीपुरा से लेकर रेलवे ट्रैक तक के 50 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज निकाले। उसमें छात्रा खुद ही जाते दिखाई दी। देर रात अक्षय भी घर मिल गया। उसने बताया वह डमरु उस्ताद का अखाड़ा, रणजीत हनुमान मंदिर और दोस्त के घर पर ही था। पुलिस को उसके सब जगहों पर फुटेज मिल गए। इससे छात्रा पर ज्यादा शक गहराया गया।
आत्महत्या करने वाली थी, कहानी गढ़ ली
एसआइ श्रृद्धा पवार और एसआइ रेखा चौधरी ने एमवाय अस्पताल में बयान लिए तो अलग-अलग बातें बताई। पहले कहा दुष्कर्म हुआ है। बाद में कहा उसे स्पष्ट नहीं कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ है या नहीं। रिपोर्ट लिखवाने में भी छात्रा ने मां और पति ने मशविरा किया। आखिर में वह समझ गई कि पुलिस ने सच जान लिया है। बुधवार शाम उसने कहा मेरे साथ घटना नहीं घटी है। वह तो आत्महत्या करने जा रही थी। अचानक इरादा बदल गया और झूठी कहानी बना ली। एएसपी के मुताबिक छात्रा पूर्व में भी अमित नामक युवक पर तीन केस दर्ज करवा चुकी है। अक्षय से भी उसका परिचय था। लॉकडाउन के दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी। उसे शक था कि उसका अश्लील वीडियो है। इसी अवसाद में उसने पूरा षड़यंत्र रच लिया।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम