कटनी। नगर निगम चुनाव के लिए पिछड़ा तथा अनारक्षित वार्डों में आज नए सिरे से हुए महिला आरक्षण ने कई वार्डों के समीकरण बदल दिए। जो वार्ड ओबीसी मुक्त थे, ऐसे कई वार्ड महिलाओं के लिए तथा जो अनारक्षित थे उनमें से कई महिलाओं के लिए आरक्षित होने से नेताओं को कहीं मायूसी हाथ लगी तो कहीं खुशी देखी गई। नगर निगम की राजनीति में दिग्गज माने जाने वाले नेताओं के वार्डों में भी फेरबदल हो गया। कांग्रेस ने आरक्षण की आज सम्पन्न हुई प्रक्रिया को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा है कि समूची प्रक्रिया को सत्ता के दबाव में नियम विरूद्ध संचालित किया गया है, जबकि आरक्षण प्रक्रिया को सम्पन्न कराने के लिए नियुक्त किए गए सहायक विहित अधिकारी एसडीएम बलवीर रमन का कहना है कि शासन के निर्देश पर दोबारा महिला आरक्षण में सुधार के लिए दोबारा की गई कार्यवाही पूरी तरह नियमों के मुताबिक और विधिसंगत है। कांग्रेस नेताओं प्रक्रिया को लेकर अपनी लिखित आपत्ति दर्ज कराई है। यह भी पता चला है कि कांग्रेस इस मसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है।
कुल मिलाकर दो संशोधनों के साथ तीसरी बार हुई आरक्षण प्रक्रिया ने वार्डों में नए समीकरण खड़े कर दिए है। उल्लेखनीय है कि कटनी नगर निगम सीमा में शामिल 45 वार्डों के आरक्षण की कार्यवाही 31 जुलाई को सम्पन्न कराई गई थी। इस प्रक्रिया में आरक्षित हुए वार्डों को लेकर क्षेत्रीय विधायक संदीप जायवाल एवं दो पूर्व पार्षदों ने कलेक्टर एवं नगरीय प्रशासन विभाग के पास आपत्तियां दर्ज कराते हुए कहा था कि आरक्षण में चक्रानुक्रम का पालन नहीं किया गया है। इसलिए समूची प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने इन आपत्तियों का परीक्षण कराने के बाद विहित अधिकारी एवं कलेक्टर शशिभूषण सिंह को कटनी नगर निगम के लिए आरक्षित हुए ओबीसी एवं अनारक्षित वार्डों में नए सिरे से महिला आरक्षण किए जाने के निर्देश जारी किए। जिसके परिपालन में आज कलेक्ट्रेट में एसडीएम बलवीर रमन की मौजूदगी में प्रातः 11 बजे आरक्षण की प्रक्रिया सम्पन्न कराई गई। उल्लेखनीय है कि इसके पहले अनुसूचित जनजाति वार्डों में सुधार के लिए पुनः आरक्षण कराया गया था, जिसमें दो वार्ड अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित हो गए थे।
नहीं डाली गईं पर्चिंयां
एसडीएम बलवीर रमन ने आरक्षण की प्रक्रिया शुरू करते हुए पहले ओबीसी वर्ग में किए गए सुधार के बाद महिलाओं के लिए आरक्षित वार्डों की जानकारी दी। इसके उपरांत उन्होंने अनारक्षित वार्डों में से महिला वर्ग के लिए आरक्षित किए गए वार्डों की जानकारी से उपस्थित लोगों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि 2014 में जो वार्ड मुक्त थे उतने महिला हो गए हैं और जितने महिला वार्ड थे वो मुक्त हो गए हैं इसलिए आज सम्पन्न हुई प्रक्रिया में लॉटरी की आवश्यकता ही नहीं पड़ी।
कांग्रेस का हंगामा
वार्डों के नए सिरे से आरक्षण में लॉटरी सिस्टम की उम्मीद लगाए बैठे कांग्रेस नेताओं को जब एसडीएम से जानकारी मिली कि नए सिरे से हुए महिला आरक्षण की प्रक्रिया में पर्ची डालने की आवश्यकता ही नहीं है तो इसको लेकर कांग्रेस के लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। जिला शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मिथलेश जैन ने कहा कि 13 वार्डोंं में से 12 वार्डों के आरक्षण के लिए पर्ची निकालने की कार्यवाही होना चाहिए, जो वार्ड अनारक्षित थे उनमें रोस्टर लागू नहीं होता। कांग्रेस की ओर से मिथलेश जैन, पूर्व नेता प्रतिपक्ष मौसूफ अहमद बिट्टू, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष रमेश सोनी एवं कांग्रेस पार्षद राजेश जाटव ने आपत्तियां दर्ज कराईं। एसडीएम बलवीर रमन ने आरक्षण की जानकारी देने के बाद कांग्रेस के लोगों से कहा कि वे अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं किंतु समूची प्रक्रिया विधि सम्मत और शासन के निर्देशानुसार ही हुई है। कांग्रेसजनों ने प्रक्रिया के बाद बाहर निकलकर मीडिया से बातचीत में कहा कि सत्ता के दबाव में मनमाना आरक्षण किया गया है। बिना लॉटरी डाले वार्डों के आरक्षण का कोई औचित्य नहीं।
वार्डों में बदले समीकरण
एन नगर निगम चुनाव के पहले नए सिरे से हुए आरक्षण ने अनेक वार्डों में समीकरण बदल दिए हैं। 31 जुलाई के आरक्षण के हिसाब से नेताओं और महिला नेत्रियों ने अपनी तैयारियां तेज कर दीं थीं। केवल महापौर के आरक्षण का इंतजार किया जा रहा था किंतु राज्य शासन के निर्देश पर दोबारा हुए महिला आरक्षण ने सारे समीकरण उलट-पलट कर दिए।
