ऐतिहासिक फैसला: राज्यसभा से भी नागरिकता बिल पास, पक्ष में 125, विरोध में 105 वोट पड़े
लोकसभा में पहली परीक्षा पास करने के बाद नागरिकता संशोधन बिल पर सरकार की आज अग्निपरीक्षा है। गृह मंत्री अमित शाह ने संशोधन बिल राज्यसभा में पेश कर दिया है और चर्चा जारी है। इस बीच लोकसभा में बिल का समर्थन करने वाली शिवसेना के यूटर्न के बाद विपक्ष का हौसला बढ़ा है, मगर इसके बावजूद संख्या बल सरकार के साथ है।
कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इसे संवैधानिक इतिहास का काला दिन करार दिया है।
विधेयक के पक्ष में 125 वोट पड़े जबकि इस बिल के विरोध में 105 वोट पड़े।
11 दिसंबर, 2019 का दिन भारत के इतिहास में दर्ज हो गया है। लोकसभा के बाद नागरिकता संशोधन विधेयक बुधवार को राज्यसभा में भी पारित हो गया।
इससे पहले लोकसभा में यह बिल पास हो चुका है।
इस विधेयक के पास होने के साथ ही पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसे देशों के अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इस विधेयक में दूसरे देशों में रहने वाले हिंदू, जैन, सिख, ईसाई, पारसी, बौद्ध समेत छह धर्मों के नागरिकों को शामिल किया गया है।