
नई दिल्ली। केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ने वाली हैं. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने एनडीए सरकार के खिलाफ संसद में अविश्वास प्रस्ताव लाने का ऐलान किया है. एनडीए सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव 27 मार्च को लाया जाएगा.
लोकसभा में विपक्ष नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस संबंध में लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन को एक चिट्ठी लिखी है. बता दें कि लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए स्पीकर के नोटिफिकेशन की जरूरत होती है.
News18 के पास मल्लिकार्जुन खड़गे की चिट्ठी की एक कॉपी भी है, जिसमें खड़गे ने विपक्ष के सभी दलों से अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने की अपील की है.
लोकसभा में विपक्ष नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्पीकर को चिट्ठी लिखी है
संसद में क्या है कांग्रेस की पोजिशन?
टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस पहले ही कर चुकी कोशिश
बता दें कि इससे पहले आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू की तेलुगू देशम पार्टी (TDP) और उनके धुर विरोधी जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस भी एनडीए सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का ऐलान किया था.
सोमवार को जहां राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित रही, वहीं लोकसभा पहले दोपहर तक स्थगित रही. बाद में कुछ देर कार्यवाही शुरू होने के बाद विपक्ष ने फिर से हंगामा किया. जिसके बाद लोकसभा भी पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई.
इन नेताओं ने रखा था अविश्वास प्रस्ताव
टीडीपी की तरफ से थोटा नरसिम्हाम, जयदेव गल्ला और वाईएसआर कांग्रेस की ओर से वाईवी सुब्बा रेड्डी ने एनडीए सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का नोटिफिकेशन दिया था. दोनों ही पार्टियों ने केंद्र से आंध्र के लिए स्पेशल पैकेज की मांग की है.
यही नहीं, एनडीए से नाराज आंध्र के सीएम और टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू ने अपने दोनों मंत्रियों को मोदी कैबिनेट से वापस भी बुला लिया था. नायडू ने टीडीपी सांसदों और वरिष्ठ नेताओं से दूसरी पार्टियों के नेताओं से अपील करने के लिए कहा था कि वो एनडीए सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करें।








