ट्रस्ट ठीक वैसे ही संचालित होगा, जैसे मौजूदा समय में संजीवनी कोष से राशि स्वीकृत करने के लिए काम करता आ रहा है। इसमें मंत्री, सचिव, संचालक चिकित्सा शिक्षा, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर, निजी एवं सरकारी विशेषज्ञ डॉक्टर सदस्य होंगे।

इस योजना के लांच होते ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाइ), संजीवनी राहत कोष मर्ज हो जाएंगे। इसका संचालन केंद्र, राज्य सरकार मिलकर करेंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (एमएसबीवाइ) के लिए टेंडर जारी कर दिया है। बीमा कंपनियां को ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि तीन अगस्त तक है,सात अगस्त को फाइनेंशियल एंड टेक्निकल टेंडर खुलेगा। पांच दिन के अंदर वर्कऑर्डर जारी कर दिया जाएगा।

ये है सुविधा- परिवार के पांच सदस्य, 50 हजार का बीमा पांच लाख रुपये तक का हेल्थ कवर।

इसलिए कार्ड बनवाने की कतार लगी

पहले आरएसबीवाइ, एमएसबीवाइ में सिर्फ 30 हजार रुपये का ही पैकेज था, इसलिए राज्य के 20 लाख से अधिक परिवारों ने स्मार्ट कार्ड बनवाने में कोई रुचि नहीं दिखाई, लेकिन ज्यों एमएसबीवाइ में 50 हजार का पैकेज हुआ तो संख्या बढ़ी, अब आयुष्मान योजना आ रही है तो स्मार्ट कार्ड बनवाने वालों की कतार लग गई है।