पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ की डबरा में 18 अक्टूबर को चुनावी सभा में की गई मंत्री इमरती देवी पर अशोभनीय टिप्पणी ने कांग्रेस की उलझन बढ़ा दी है। भाजपा के तेवर आक्रामक हैं,मुख्यमंत्री से लेकर हर बड़ा नेता-मंत्री हर मंच से कमल नाथ की टिप्पणी पर कांग्रेस को घेर रहे हैं।
मंत्री भी अपने बयान में कह चुकी हैं कि अगर कमल नाथ पर हरिजन एक्ट नहीं लगा तो वे आत्महत्या कर लेंगी। अब स्थिति यह कि डबरा थाना पुलिस एफआइआर के लिए मंत्री को नोटिस जारी कर चुकी है। उधर चुनाव प्रचार की व्यस्तता का हवाला देकर अभी तक मंत्री इमरती देवी ने बयान देने के लिए समय नहीं दिया है,इसलिए पूरी कानूनी कार्रवाई अटक गई है।
चुनाव आयोग ने मांगा था जांच प्रतिवेदन
चुनाव आयोग ने इस मामले में ग्वालियर प्रशासन से कमल नाथ की अशोभनीय टिप्पणी का वीडियो और जांच प्रतिवेदन तलब किया था। उधर डबरा विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर प्रदीप शर्मा ने डबरा थाने में आवश्यक कार्रवाई के लिए बयान की सीडी सहित आवेदन दिया गया। इसके आधार पर डबरा थाना पुलिस ने बयान दर्ज कराने के लिए इमरती देवी को पत्र जारी किया है।
कानूनी कार्रवाई में सुस्ती क्यों?
कमल नाथ के खेद जताने से लेकर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी ने भी अशोभनीय टिप्पणी पर आपत्ति जताई। राष्ट्रीय महिला आयोग और चुनाव आयोग ने भी संज्ञान लिया है। भाजपा भी इस मुद्दे को भुनाने में कसर नहीं छोड़ रही है, लेकिन मंत्री इमरती देवी से लेकर भाजपा कानूनी कार्रवाई में सुस्त है। कानूनी प्रक्रिया अब तक मंत्री इमरती देवी के बयान नहीं होने से अटकी है।