Monday, May 11, 2026
Latest:
Latestधर्ममध्यप्रदेश

आषाढ़ में सूखाः विज्ञानियों ने कहा सिस्टम नहीं, ज्योतिषी बोले ग्रह रूठे

भोपाल। अमूमन जुलाई-अगस्त को बरसात के लिए सबसे बेहतर माना जाता है। लेकिन पिछले चार दिनों से आसमान पर बादल तो आ-जा रहे हैं,लेकिन तेज बरसात नहीं हो रही। लोगों को कभी-कभार पड़ने वाली हल्की बौछारों से ही संतोष करना पड़ रहा है। तापमान बढ़ने के साथ ही वातावरण में नमी होने के कारण उमस ने बेचैनी बढ़ा दी है। चिंता की बात है कि अभी तक शहर में सामान्य से 22 प्रतिशत कम पानी गिरा है।

आषाढ़ में पानी न गिरने पर मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अभी कोई मानसूनी सिस्टम नहीं है। उधर ज्योतिषियों का कहना है कि छह ग्रहों के वक्री होने के कारण पानी नहीं गिर रहा है। हालांकि जुलाई के दूसरे सप्ताह में मानसून के मेहरबान होने की संभावना जताई जा रही है।

27 जून को मानसून ने शहर में दस्तक दी थी। इसके तहत 28-29 जून को बौछारें भी पड़ी थीं। 29 जून को आषाढ़ माह शुरू होने के साथ ही आसमान से बादल रुखसत होना शुरू हो गए। हालांकि रोजाना दोपहर बाद बादल आते तो है, लेकिन बरसते नहीं है। इसी क्रम में मंगलवार को भी सुबह से बादल मौजूद थे। सुबह के वक्त करीब 30 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से हवा भी चली। लेकिन बौछारें नहीं पड़ीं। अलबत्ता कुछ स्थानों पर बूंदा-बांदी भर हुई।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

Leave a Reply