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टोल प्लाजा पर नहीं लगेगा ‘फुल स्टॉप’: 80 की रफ्तार में भी अपने आप कटेगा टैक्स; 2026 तक देशभर में लागू होगा AI-आधारित GNSS सिस्टम, जानें कैसे बदलेगा सफर

टोल प्लाजा पर नहीं लगेगा ‘फुल स्टॉप’: 80 की रफ्तार में भी अपने आप कटेगा टैक्स; 2026 तक देशभर में लागू होगा AI-आधारित GNSS सिस्टम, जानें कैसे बदलेगा सफर।  हाईवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार अब टोल प्लाजा से बैरियर हटाने और मल्टी-लेन फ्री-फ्लो (MLFF) टोल प्रणाली लागू करने की तैयारी पूरी कर चुकी है। इस नई व्यवस्था के बाद आपकी गाड़ी बिना रुके टोल पार करेगी और टैक्स सीधे आपके खाते से कट जाएगा।

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टोल प्लाजा पर नहीं लगेगा ‘फुल स्टॉप’: 80 की रफ्तार में भी अपने आप कटेगा टैक्स; 2026 तक देशभर में लागू होगा AI-आधारित GNSS सिस्टम, जानें कैसे बदलेगा सफर

इन राज्यों में है टोल का सबसे बड़ा जाल

वर्तमान में NHAI देशभर में 1,087 से अधिक टोल प्लाजा का प्रबंधन कर रहा है। सबसे ज्यादा टोल प्लाजा वाले राज्यों की सूची इस प्रकार है:

  • राजस्थान: 156 टोल प्लाजा
  • उत्तर प्रदेश: 97 टोल प्लाजा
  • मध्य प्रदेश: 90 टोल प्लाजा
  • महाराष्ट्र: 89 टोल प्लाजा

कैसे काम करेगा ‘बिना बैरियर’ वाला टोल?

नई तकनीक एआई (AI) और GNSS (ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम) पर आधारित होगी।

  • ANPR कैमरे: हाईवे के ऊपर लगे गैन्ट्री सिस्टम में ‘ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन’ (ANPR) कैमरे होंगे।
  • बिना रुके स्कैनिंग: जब आपकी गाड़ी 80 किमी/घंटा की रफ्तार से गुजरेगी, तो ये कैमरे नंबर प्लेट और FASTag को स्कैन कर लेंगे।
  • ऑटो पेमेंट: कुछ ही सेकंड में आपके खाते से टोल राशि कट जाएगी और आपको गाड़ी रोकने या धीमी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

गुजरात और हरियाणा से होगी शुरुआत

देश का पहला बाधा-रहित (Barrier-free) टोल प्लाजा गुजरात के चोर्यासी में बनाया जा रहा है। इसके अलावा हरियाणा के घरौंदा (NH-44) पर भी इस व्यवस्था के लिए ICICI बैंक के साथ समझौता किया गया है। NHAI इस वित्त वर्ष में करीब 25 प्रमुख हाईवे पर यह सिस्टम लगाने की योजना बना रहा है।

आम जनता को क्या होगा फायदा?

  1. समय की बचत: टोल पर लगने वाली कतारें पूरी तरह खत्म हो जाएंगी।
  2. ईंधन की बचत: बार-बार रुकने और स्टार्ट करने से होने वाली ईंधन की बर्बादी रुकेगी।
  3. पारदर्शिता: एआई आधारित होने के कारण टोल वसूली में गलती की गुंजाइश खत्म होगी।
  4. प्रदूषण में कमी: ट्रैफिक जाम कम होने से पर्यावरण को भी लाभ होगा।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि