धर्म

आने वाली है इस साल की नागपंचमी, ये हैं पूजा के नियम और कथा

धर्म डेस्‍क। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी के रूप में मनाया जाता है. हिन्दू धर्म में नाग पंचमी का खास महत्व है और इस दिन देश के कई राज्यों में सर्प पूजन होती है. इस दिन 12 सर्प स्वरूपों की पूजा की जाती है और दूध चढ़ाया जाता है. ऐसा मानना जाता है कि नागराज को प्रसन्न करने से भोलेनाथ भगवान शंकर भी प्रसन्न हो जाते हैं और अपनी कृपा बरसाते हैं.

इस साल नागपंचमी का त्योहार 15 अगस्त को मनाया जाएगा. इस दिन नाग देवता की फल, फूल, प्रसाद और मंत्रों के साथ सर्पों की पूजा की जाएगी और दुग्ध स्नान कराया जाएगा. नागपंचमी के अवसर पर रुद्राभिषेक का भी खास महत्व है. ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान शंकर का आशीर्वाद प्राप्त होता है और नाग देवता पृथ्वी को संतुलित करते हुए मानव जीवन की रक्षा करते हैं.

इस दिन को गरुड़ पंचमी के नाम से भी जानते हैं. नाग देवता के साथ पंचमी के दिन गरुड़ की पूजा भी जाती है और सर्पों से रक्षा की प्रार्थना की जाती है.

नागपंचमी का शुभ मुहूर्त:

नागपंचमी 15 अगस्त को है-

पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त – 15 अगस्त को सुबह 05:55 से 8:31 तक

पंचमी तिथि प्रारंभ – 15 अगस्त को सुबह 03:27 बजे शुरू

पंचमी तिथि समाप्ति – 16 अगस्त को सुबह 01:51 बजे खत्म

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