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आईटीआई सेकेण्ड सेमेस्टर के तीन पेपर लीक खुलेआम बिके पर्चे, अधिकारियों को नहीं है जानकारी

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जबलपुर। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान यानि की आईटीआई के सेकेण्ड सेमेस्टर की परीक्षाएं चल रही हैं जिसके तीन विषयों के पेपर शुक्रवार की देर रात लीक हो गए। जानकारी के मुताबिक इलेक्ट्रीशियन, फिटर और डीजल मैकेनिक ट्रेड के सेकेण्ड सेमेस्टर के पेपर शनिवार को होना थे लेकिन पेपर के पहले ही रात को तीनों ट्रेड के पेपर खुलेआम आईटीआई के सामने ही बेचने की जानकारी मिल रही है।
500 से 5000 तक बिक गए पेपर
जानकारी के मुताबिक रात लगभग 11 बजे माढ़ोताल स्थित मॉडल आईटीआई के पास एक निजी आईटीआई संचालक और कुछ छात्रों द्वारा 500 रुपए से लेकर 5000 रुपये तक पेपर बेचे जाने की जानकारी मिल रही है। यह गोरखधंधा तड़के 4 बजे तक चलता रहा। जानकारी के मुताबिक इलेक्ट्रीशियन और फिटर ट्रेड के पेपर सुबह 9ः30 बजे से और डीजल मैकेनिक ट्रेड का पेपर दोपहर 2ः30 बजे था। यह पेपर पूरे हिन्दुस्तान में चल रहे हैं जो एक साथ एक समय पर होते हैं। सूत्रों की मानें तो यह पेपर बिहार से लीक होकर जबलपुर पहुंचा है।
नहीं किया स्थगित
जब पेपर लीक होने के जानकारी एनएसयूआई नेता सचिन रजक को मिली तो उसके द्वारा आईटीआई प्रबंधन और तकनीकी शिक्षा के अधिकारियों को उक्ताशय की जानकारी देते हुए पेपर की कापियां भी प्रदान कीं लेकिन अधिकारियों ने ऑल इंडिया पेपर होने की बात कहकर पेपर रोकने से इंकार कर दिया। जबकि पूरी रात धड़ल्ले से पेपर बिकता रहा और इलेक्ट्रिशियन व फिटर का जो 9ः30 बजे से पेपर था वह हू ब हू वही कापी थी जो रात भर बिकी थी। वहीं डीजल मैकेनिक पेपर की मूल प्रतियां लॉकर में होने के कारण समाचार लिखे जाने तक उसका सत्यापन नहीं हो पाया था।
आईटीआई में हंगामा
तकनीकी शिक्षा के आला अधिकारियों को उक्ताशय की जानकारी देने के बाद भी जब पेपर को नहीं रुकवाया गया तो एनएसयूआई के सचिन रजक, आशुतोष सिंह, नीलेश माहर, अभिषेक पटेल, सुमित खटीक सहित कुछ छात्रों ने आईटीआई में विरोध प्रदर्शन शुरू करते हुए धरना दे दिया। जिसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिस बल ने उन्हें आईटीआई से बाहर निकाल दिया। वहीं मॉडल आईटीआई के प्राचार्य ने कोई भी बात करने से मना कर दिया।
पिछले साल भी हुआ था लीक
आईटीआई के पेपर लीक होने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी फिफ्थ सेमेस्टर का इलेक्ट्रिशियन, फिटर और डीजल मैकेनिक ट्रेड का पेपर लीक हुआ था जिसमें एक निजी आईटीआई संचालक का वीडियो भी वायरल हुआ था जो अपनी संस्थान से बच्चों को पेपर बेचता हुआ दिख रहा था। उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी अ ौर फिर इस बार भी उसी आईटीआई संचालक का नाम पेपर लीक मामले में सामने आ रहा है लेकिन अधिकारी इस दफा भी चुप्पी साधे हुए हैं।

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