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असम में तनाव: 20 लाख ‘बांग्लादेशियों’ की 1 दिसंबर को जारी होगी नागरिकता सूची

असम। नागरिक राष्ट्रीय पंजी (एनआरसी) के पहले मसौदे के प्रकाशन से पहले असम पुलिस ने राज्य में संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की है और कहा है कि जरूरत पड़ने पर सेना की मदद ली जा सकती है। एकीकृत कमान की उच्च स्तरीय बैठक में शामिल होने के बाद महानिदेशक मुकेश सहाय ने कहा कि चंद एनआरसी सेवा केंद्रों के कुछ इलाके संवेदनशील पाए गए हैं और पुलिस उन क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की अतिरिक्त 85 कंपनियां दो जत्थों में राज्य में पहुंच चुकी है।’’ सहाय ने राज्य में सुरक्षा स्थितियों की समीक्षा करने के बाद कहा कि अगर जरूरत पड़ेगी तो 31 दिसंबर की रात, जिस दिन एनआरसी का पहला मसौदा जारी किया जाएगा, किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सेना की भी मदद ली जाएगी।

असम में तनाव के माहौल का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां पर अबतक 60 हजार पुलिसकर्मी और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की जा चुकी है। असम सरकार का कहना है कि वैध नागरिकों की लिस्ट जारी करने के बाद सरकार अवैध प्रवासियों की पहचान करेगी और उन्हें वापस अपने देश (बांग्लादेश, म्यांमार) भेजा जाएगा।

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