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अब सिर्फ पुलिस पर भरोसा नहीं, सरकार कंबाइंड इंटेलीजेंस को देगी तवज्जो

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ग्वालियर। दो अप्रैल को शहर में हुए उपद्रव और हिंसा के बाद अब राज्य सरकार ने बड़ा सबक लिया है। अभी तक शहर में होने वाले बड़े आयोजन, रैली, जुलूस और विरोध प्रदर्शनों में पुलिस की इंटेलीजेंस रिपोर्ट से स्थिति भांपी जाती थी लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। हर विभाग से दो या दो से अधिक अच्छे कर्मचारी-अधिकारी छांटे जाएंगे जिन्हें कंबाइंड इंटेलीजेंस में शामिल किया जाएगा। पुलिस के इंटेलीजेंस में सभी विभागों का इंटेलीजेंस जुड़ेगा और फिर फाइनल फीडबैक रिपोर्ट तैयार होगी। मंगलवार को उच्च स्तरीय अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।

भारत बंद के आहवान के चलते दो अप्रैल को एससी-एसटी वर्ग के संगठनों ने शहर बंद कराया लेकिन धीरे धीरे ही यह बंद उपद्रव में तब्दील हो गया। हजारों की भीड़ में नकाबपोश युवकों ने इतना बवाल किया कि पूरा शहर दहशत में आ गया। 31 मार्च को इन्ही संगठनों ने शांति मार्च शहर में निकाला था जिसमें शांति मार्च की परमिशन ली गई थी। इस शांति मार्च में भी शांति नहीं रही थी और फूलबाग से लेकर पड़ाव तक सड़कों को प्रदर्शन करने वाले युवकों ने अपने कब्जे में ले लिया था।

शहर में ट्रैफिक जाम हो गया और पुलिस के काबू से सब बाहर हो गया था। इन दोनों मामलों में पुलिस इंटेलीजेंस रिपोर्ट भी थी लेकिन इसके बाद भी कुछ नहीं किया गया। अचानक इतना बड़ा उपद्रव अब आगे न हो इसके लिए कंबाइंड इंटेलीजेंस की व्यवस्था बनाई गई है।

हर विभाग बताएगा-आपका क्या फीडबैक है

शहर में होने वाले हर बड़े आयोजन से पहले कंबाइंड इंटेलीजेंस में शामिल अधिकारी-कर्मचारियों से फीडबैक लिया जाएगा। ज्वाइंट मीटिंग में सभी के फीडबैक पर मंथन करने के बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार होगी जिसके आधार पर आगे की तैयारी पुलिस और प्रशासन के स्तर पर की जाएगी। हर विभाग के अपने खुद के इंटेलीजेंस को उतनी ही तवज्जो दी जाएगी जितनी पुलिस इंटेलीजेंस को दी जाती है।

महत्वपूर्ण कड़ी इसलिए कवायद

पुलिस इंटेलीजेंस में शामिल अधिकारी और कर्मचारी शहर के बड़े आयोजनों और हर राजनैतिक कार्यक्रम में भीड़ का हिस्सा बनकर अपनी रिपोर्टिंग करते हैं। पुलिस इंटेलीजेंस की रिपोर्ट शासन स्तर पर भेजी जाती है और उनके दिशा निर्देश के बाद ही व्यवस्थाएं स्थानीय स्तर पर बनाई जातीं हैं। यह महत्वपूर्ण कवायद है और इस बार सभी विभागों के लोगों को शामिल करके इसे और मजबूत किया जा रहा है।

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