अंधविश्वास : बिजली गिरने से झुलसी युवती को गोबर से ढंका, वैज्ञानिक पुष्टि !
कोतबा (जशपुर)। शुक्रवार को बारिश के दौरान वज्रपात से झुलसी युवती की जान बचाने के लिए परिजनों ने घर के पास स्थित गोबर के एक गड्ढे में डाल दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के हादसे में झुलसे लोगों को गोबर की ठंडक से राहत मिलती है। साथ ही गाय के गोबर में मौजूद एंटी बायटिक की शक्ति से भी झुलसे लोगों की जान बच जाती है।
हालांकि इसकी वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं पूरे मामले में एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर हुई है। घायल को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने के लिए क्षेत्र की डीडीसी नवीना पैंकरा बीएमओ और सीएमओ को फोन करती रही। अधिकारी उन्हें एंबुलेंस भेजने का भरोसा भी देते रहे, लेकिन आखिर तक एंबुलेंस नहीं पहुंचा। अंततः एक घंटे के बाद हादसे की खबर सुनकर मौके पर पहुंचे आरएमओ विनोद साहू ने झुलसी युवती को अपने निजी वाहन से प्राथमिक उप स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया।
फरसाबहार तहसील के ग्राम कोह्लेनझरिया निवासी कुमारी जयसिला सेठी (20) पिता जगेश्वर शुक्रवार की दोपहर 12 बजे मूसलाधार बारिश के दौरान घर में ही बैठी हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियो के मुताबिक इस दौरान तेज चमक और गर्जना के साथ जयसिला के घर में वज्रपात हुआ।
वज्रपात की इस घटना में युवती गंभीर रूप से झुलसकर अचेत हो गई। झुलसी युवती की जान बचाने के लिए परिजन व पड़ोसियों ने घर के समीप स्थित गोबर जमा करने के एक गड्ढे में डाल कर उसे गोबर से पूरी तरह से ढंक दिया। तकरीबन एक घंटे तक घायल युवती इसी स्थिति में गड्ढे में पडी रही। घायल युवती की हालत अब खतरे से बाहर है। उप स्वास्थ्य केन्द्र में उसका इलाज किया जा रहा है। डॉ विनोद साहू,आरएमओ,उप स्वास्थ्य केन्द्र कोह्लेझरिया