Monday, May 4, 2026
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Yashbharat.com Analysis: तमिलनाडु में 49 साल पुराने ‘द्रविड़ किले’ में सेंध, ‘मास्टर’ विजय ने कैसे किया स्टालिन को चित? समझिए नंबरगेम और संभावित ‘प्लान-B’ का पूरा गणित

Yashbharat.com Analysis: तमिलनाडु में 49 साल पुराने ‘द्रविड़ किले’ में सेंध, ‘मास्टर’ विजय ने कैसे किया स्टालिन को चित? समझिए नंबरगेम और संभावित ‘प्लान-B’ का पूरा गणित। : तमिलनाडु की सियासत में आज जो हो रहा है, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। दशकों से DMK और AIADMK के बीच झूलती राज्य की सत्ता को एक 51 साल के अभिनेता ने हिलाकर रख दिया है। थलपति विजय की पार्टी TVK ने न केवल रुझानों में बढ़त बनाई है, बल्कि राज्य के पारंपरिक जातिगत समीकरणों को भी ध्वस्त कर दिया है।

Yashbharat.com Analysis: तमिलनाडु में 49 साल पुराने ‘द्रविड़ किले’ में सेंध, ‘मास्टर’ विजय ने कैसे किया स्टालिन को चित? समझिए नंबरगेम और संभावित ‘प्लान-B’ का पूरा गणित

1. 118 का जादुई आंकड़ा और विजय की चुनौती

तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत है। ताज़ा रुझानों में विजय की TVK 100 से 110 सीटों के बीच झूल रही है।

  • पेंच कहाँ फंसा है?: विजय बहुमत के बेहद करीब हैं, लेकिन ‘किंग’ बनने के लिए उन्हें कुछ और साथियों की जरूरत पड़ सकती है।
  • त्रिशंकु विधानसभा की आहट: अगर TVK अपने दम पर 118 का आंकड़ा नहीं छू पाती, तो राज्य में किंगमेकर की भूमिका अहम हो जाएगी।

2. क्या AIADMK बनेगी विजय की ‘वैसाखी’?

राजनीतिक गलियारों में एक दिलचस्प थ्योरी चल रही है। विजय ने अपने चुनाव प्रचार में DMK और BJP पर तो तीखे हमले किए, लेकिन AIADMK पर हमेशा ‘हल्का हाथ’ रखा।

  • स्वाभाविक गठबंधन: जानकारों का मानना है कि सत्ता से बाहर बैठी AIADMK, स्टालिन को रोकने के लिए विजय को समर्थन दे सकती है।
  • BJP का पत्ता कटेगा?: संभावना है कि AIADMK अपनी पुरानी सहयोगी भाजपा का साथ छोड़कर सीधे विजय के साथ ‘पावर शेयरिंग’ फॉर्मूले पर आ जाए।

3. ‘मास्टर’ ने कैसे पलटी बाजी?

विजय की सफलता के पीछे तीन सबसे बड़े कारण नजर आ रहे हैं:

  • फर्स्ट टाइम वोटर्स: राज्य के युवाओं ने परिवारवाद और पुराने चेहरों को नकार कर विजय की ‘नई सोच’ को चुना।
  • महिला वोट बैंक: तमिलनाडु की 3.24 करोड़ महिला वोटरों में विजय ने गहरी सेंधमारी की है।
  • साइलेंट लहर: करुणानिधि और जयललिता के बाद पैदा हुए नेतृत्व के शून्य को विजय ने अपनी रैलियों की भीड़ से भर दिया।

4. स्टालिन के खिलाफ ‘एंटी-इंकंबेंसी’ का असर

मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के खिलाफ जो सत्ता विरोधी लहर थी, उसका फायदा भाजपा या AIADMK को मिलने के बजाय सीधे TVK के खाते में गया। त्रिकोणीय मुकाबले के कारण अब महज 30-35% वोट शेयर पर भी सीटें जीतना मुमकिन हो गया है।

Yashbharat.com का निष्कर्ष:

तमिलनाडु का यह चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि एक युग परिवर्तन है। अगर विजय मुख्यमंत्री बनते हैं, तो यह भारतीय राजनीति में किसी भी फिल्मी सितारे की सबसे तेज़ और सफल राजनीतिक छलांग होगी।

क्या विजय आज रात चेन्नई में ‘विजय रैली’ निकालेंगे? हर बड़े अपडेट के लिए देखते रहें Yashbharat.com

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Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि