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Women Scientists: PM मोदी ने ISRO में महिला वैज्ञानिकों को दी बधाई; चंद्रयान-3 में उनकी अहम भूमिका को भी सराहा

Women Scientists: PM मोदी ने ISRO में महिला वैज्ञानिकों को दी बधाई; चंद्रयान-3 में उनकी अहम भूमिका को भी सराहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की महिला वैज्ञानिकों के साथ बातचीत की। ये महिला वैज्ञानिक ‘चंद्रयान -3’ मिशन का हिस्सा थीं। पीएम मोदी ने साफ्ट लैंडिंग के सफल मिशन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। दरअसल, भारत बुधवार शाम को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लैंडर स्थापित करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया था।

इसरो के टेलीमेट्री ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क मिशन कंट्रोल कॉम्प्लेक्स में वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि महिला वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-3 मिशन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चांद पर लैंडर के लैंड करने की जगह ‘शिव शक्ति’ पॉइंट आने वाली पीढ़ियों को विज्ञान को गंभीरता से लेने और लोगों के कल्याण के लिए इसका उपयोग करने के लिए प्रेरित करेगा। लोगों का कल्याण हमारी सर्वोच्च प्रतिबद्धता है।

ऐतिहासिक लैंडिंग पर इसरो वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वे देश को नई ऊंचाइयों पर ले गए। यह कोई सामान्य उपलब्धि नहीं थी। यह मिशन हमारे अंतरिक्ष अनुसंधान और कार्यक्रम की शक्ति को दर्शाता है। अब भारत चंद्रमा पर है। हमने अपने राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक तिरंगे को भी चंद्रमा पर स्थापित कर दिया है।

 

इसरो वैज्ञानिकों की सराहना करते हुए उन्होंने आगे कहा कि आप हमें वहां ले गए, जहां पहले कोई नहीं गया था। यह आज का भारत है। यह एक निर्भय भारत है। यह नए विचारों से भरा भारत है। हमारी सोच बदल गई है। यह एक भारत है। ऐसा भारत जो चंद्रमा के अंधकार में डूबे हुए हिस्से से भी दुनिया को आशा दे रहा है।

 

पीएम मोदी ने कहा कि आज का भारत 21वीं सदी में दुनिया के सामने आने वाली सबसे बड़ी चुनौतियों का समाधान करेगा। जैसे ही हमारा लैंडर चंद्रमा की सतह पर उतरा, न केवल इसरो में बल्कि पूरे देश और उसके बाहर भी लोग जश्न मनाने लगे। उस पल को कौन कभी भूल सकता है? कुछ पल कभी नहीं भूले जा सकते। चंद्रमा पर उतरना भी ऐसा ही एक पल था।

 

सरो प्रमुख एस. सोमनाथ को गले लगाया

इससे पहले इसरो मुख्यालय पहुंचने पर पीएम मोदी का जोरदार स्वागत किया गया। उन्होंने देश के तीसरे चंद्र मिशन में शामिल वैज्ञानिकों की टीम से मुलाकात की और इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ को गले लगाया।

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