बिना कॉल, बिना OTP खाली हो गए 4 बैंक खाते: मोहना के किराना कारोबारी से ₹4.47 लाख की ‘साइलेंट साइबर ठगी’, पुलिस हैरान
बिना कॉल, बिना OTP खाली हो गए 4 बैंक खाते: मोहना के किराना कारोबारी से ₹4.47 लाख की ‘साइलेंट साइबर ठगी’, पुलिस हैरान
क्यूआर कोड (QR Code) स्कैन करते ही उड़ा होश
जानकारी के अनुसार, मोहना के सहसारी रोड निवासी मनोज कुमार राठौर (पिता टुंडाराम राठौर) पेशे से किराना कारोबारी हैं। घटना बीती 25 अप्रैल की है, जब वह दुकान का सामान खरीदने मोहना बाजार गए थे।
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भुगतान के वक्त खुला राज: सामान लेने के बाद मनोज ने दुकानदार को ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए यूपीआई (UPI) से क्यूआर कोड स्कैन किया।
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बैलेंस हुआ ‘नील’: जैसे ही उन्होंने अपना गोपनीय पिन (UPI PIN) दर्ज किया, स्क्रीन पर ‘लो बैलेंस’ (कम राशि) का मैसेज आ गया। मनोज ने अपने यूपीआई से लिंक चारों बैंक खातों से प्रयास किया, लेकिन किसी से भुगतान नहीं हुआ। बाद में चेक करने पर पता चला कि चारों खातों से कुल 4.47 लाख रुपये गायब हो चुके थे।
न कोई फोन आया, न ही कोई लिंक क्लिक किया
इस ठगी की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पीड़ित के पास ठगों का न तो कोई फोन आया, न ही उन्होंने कोई संदिग्ध लिंक क्लिक किया और न ही बैंक से जुड़ा कोई ओटीपी किसी से शेयर किया। पीड़ित की शिकायत के बाद साइबर हेल्पलाइन की मदद से मोहना थाना पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
हैकिंग या कार्ड क्लोनिंग की आशंका
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह मामला बेहद एडवांस साइबर क्राइम का है। ठगों ने मुमकिन है कि:
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नेट बैंकिंग हैकिंग: कारोबारी के फोन में कोई ‘रिमोट एक्सेस मैलवेयर’ (वायरस) डालकर उनकी नेट बैंकिंग का पूरा कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया हो।
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कार्ड क्लोनिंग: एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर या यूपीआई डेटा को पहले से ही हैक करके इस वारदात को अंजाम दिया गया हो।
फिलहाल पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, आईपी एड्रेस (IP Address) और बैंक ट्रांजैक्शन हिस्ट्री का बारीकी से विश्लेषण कर ठगों के गिरोह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

