पाकिस्तान के सामने 4 खतरनाक रास्ते: क्या सेना करेगी तख्तापलट या बनेगा दूसरा सीरिया?
पाकिस्तान के सामने 4 खतरनाक रास्ते: क्या सेना करेगी तख्तापलट या बनेगा दूसरा सीरिया?
पाकिस्तान के सामने 4 खतरनाक रास्ते: क्या सेना करेगी तख्तापलट या बनेगा दूसरा सीरिया?। पाकिस्तान का जन्म ही एक गलत सिद्धांत को आधार बनाकर किया गया था. शायद यही कारण है कि पाकिस्तान अपने गठन के बाद से ही अब तक संकट में है एक बार देश टूट चुका है. तीन प्रांतों में अलगाववादी अपने चरम पर हैं. सवाल उठता है कि भारत से पंगा लेने के बाद पाकिस्तान का क्या हाल होने वाला है?
पाकिस्तान के सामने 4 खतरनाक रास्ते: क्या सेना करेगी तख्तापलट या बनेगा दूसरा सीरिया?
पाकिस्तान के निर्माण में मुहम्मद अली जिन्ना की टू नेशन थ्योरी की महत्वपूर्ण भूमिका थी. इसी आधार पर 1947 में भारत के विभाजन और पाकिस्तान के निर्माण की मांग की गई थी. यह सिद्धांत मुख्य रूप से यह तर्क देता था कि भारतीय उपमहाद्वीप के हिंदू और मुस्लिम दो अलग-अलग राष्ट्र हैं, जिनके धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक पहचान इतने भिन्न हैं कि वे एक साथ एक राष्ट्र में नहीं रह सकते.
इस सिद्धांत ने मुस्लिम बहुल क्षेत्रों के लिए एक अलग देश, पाकिस्तान की स्थापना को औचित्य प्रदान किया 1971 में ही इस सिद्धांत को तिलांजलि देते हुए पूर्वी पाकिस्तान ने पाकिस्तान से अलग होकर अलग देश बांग्लादेश बना लिया. कायदे से इस सिद्धांत का अंत उसी दिन हो गया था.
पर पाकिस्तान के हुक्मरान आज भी अपनी गद्दी बचाने और पाकिस्तान को बिखरने से रोकने के लिए इस सिद्धांत की दुहाई देते हैं. पहलगाम अटैक से कुछ रोज पहले ही पाकिस्तानी सेना के प्रमुख असीम मुनीर ने प्रवासी पाकिस्तानियों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए टू नेशन थियरी को सही बताया था. मुनीर ने इस सम्मेलन में हिंदुओं पर अपनी श्रेष्ठता को सिद्ध करते हुए भारत के खिलाफ खूब जहर उगला था.
यही कारण है कि पाकिस्तान में भी लोगों का मानना है कि मुनीर ने अपनी महत्वाकांक्षा के चलते पहलगाम अटैक को अंजाम दिया है. पर पहलगाम हमले का खामियाजा अब पूरा पाकिस्तान भुगत रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने जैसी हरकतें की हैं उससे यही लगता है कि पाकिस्तान का भविष्य अधर में है. आइये देखते हैं कि भविष्य में पाकिस्तान का क्या हाल हो सकता है?