वाशिम पुलिस की जांबाज डॉग ‘स्टेफी’ का निधन: नम आंखों से खाकी ने अपने बेजुबान साथी को दी अंतिम विदाई
वाशिम महाराष्ट्र: वाशिम पुलिस के बम शोधक एवं नाशक दस्ते (BDDS) की अहम सदस्य और बेहद वफादार स्निफर डॉग ‘स्टेफी’ का निधन हो गया है। स्टेफी के जाने की खबर मिलते ही वाशिम पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई और कई पुलिसकर्मियों की आंखें नम हो गईं।
स्टेफी केवल पुलिस बल का हिस्सा नहीं थी, बल्कि वह अपने हैंडलर्स और पूरे पुलिस अमले के परिवार का एक आत्मीय हिस्सा बन चुकी थी।
2023 में उत्कृष्ट सेवा के लिए मिला था ‘सिल्वर मेडल’
स्टेफी ने अपने सेवाकाल के दौरान वाशिम पुलिस के साथ कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील ऑपरेशन्स में अपनी तीक्ष्ण सूंघने की क्षमता (Sniffing Capacity) और कार्यकुशलता का लोहा मनवाया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन: अपने कर्तव्यों के प्रति अदम्य निष्ठा और कई कठिन ऑपरेशन्स में शानदार प्रदर्शन के चलते वर्ष 2023 में स्टेफी को ‘सिल्वर मेडल’ (रजत पदक) से अलंकृत किया गया था।
विशेष जुड़ाव: स्टेफी का अपने हैंडलर शरद वाटाणे और किशोर डौलसे के साथ एक गहरा और अटूट भावनात्मक रिश्ता था। उनके बीच का यह संबंध केवल ड्यूटी तक सीमित न रहकर एक परिवार जैसी आत्मीयता में बदल चुका था।
वफादारी और सेवा की मिसाल
अपराध जांच और वीआईपी सुरक्षा के दौरान पुलिस डॉग्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। स्टेफी ने भी सालों तक वाशिम जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और संदिग्ध वस्तुओं की पहचान करने में अनुकरणीय योगदान दिया।
उसके निधन से पुलिस महकमे में एक ऐसा खालीपन आ गया है जिसे भर पाना मुश्किल होगा। अपने बेजुबान साथी के चले जाने के गम में पुलिस बल के अधिकारियों व कर्मचारियों ने भावुक होकर उसे अंतिम विदाई दी।
मुख्य बिंदु एक नजर में:
| विवरण | जानकारी |
| नाम | स्टेफी (Sniffer Dog) |
| विभाग | बम शोधक एवं नाशक दस्ता (BDDS), वाशिम पुलिस |
| उपलब्धि | वर्ष 2023 में ‘सिल्वर मेडल’ से सम्मानित |
| हैंडलर्स | शरद वाटाणे और किशोर डौलसे |
स्टेफी भले ही अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी वफादारी, कर्तव्यपरायणता और अमूल्य सेवाएं वाशिम पुलिस बल की स्मृतियों में हमेशा जीवंत रहेंगी।










