ड्यूटी के दौरान अमर्यादित टिप्पणी पर पुलिस प्रशासन सख्त: मिसरोद TI रतनलाल परिहार निलंबित, 15 दिन में जांच रिपोर्ट तलब

ड्यूटी के दौरान अमर्यादित टिप्पणी पर पुलिस प्रशासन सख्त: मिसरोद TI रतनलाल परिहार निलंबित, 15 दिन में जांच रिपोर्ट तलब

ड्यूटी के दौरान अमर्यादित टिप्पणी पर पुलिस प्रशासन सख्त: मिसरोद TI रतनलाल परिहार निलंबित, 15 दिन में जांच रिपोर्ट तलब

भोपाल: सोशल मीडिया पर आदिवासी छात्रों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी का वीडियो वायरल होने के बाद भोपाल पुलिस ने बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। ड्यूटी के दौरान पुलिस सेवा-आचरण के विपरीत आचरण और अनर्गल बयानबाजी करने के आरोप में मिसरोद थाने के निरीक्षक (TI) रतनलाल सिंह परिहार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

यह निलंबन आदेश पुलिस उपायुक्त (DCP) जोन-2 विकास शाहवाल द्वारा बुधवार को जारी किया गया। ड्यूटी के दौरान अमर्यादित टिप्पणी पर पुलिस प्रशासन सख्त: मिसरोद TI रतनलाल परिहार निलंबित, 15 दिन में जांच रिपोर्ट तलब

रक्षित केंद्र अटैच, 15 दिन में जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश

डीसीपी विकास शाहवाल ने बताया कि पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था, जिसमें थाना प्रभारी सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक और अनर्गल टिप्पणी करते दिख रहे थे। मामला आदिवासी वर्ग के छात्रों से जुड़े होने के कारण इसकी गंभीरता को देखते हुए तुरंत निलंबन की कार्रवाई की गई। ड्यूटी के दौरान अमर्यादित टिप्पणी पर पुलिस प्रशासन सख्त: मिसरोद TI रतनलाल परिहार निलंबित, 15 दिन में जांच रिपोर्ट तलब

  • तत्काल स्थानांतरण: निलंबित टीआई रतनलाल सिंह परिहार को तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन), भोपाल से संबद्ध (अटैच) कर दिया गया है।

  • विस्तृत जांच के निर्देश: मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मिसरोद क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसीपी को 15 दिवस के भीतर वायरल वीडियो की पेनड्राइव के साथ विस्तृत और निष्पक्ष जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य बिंदु एक नजर में:

विवरणजानकारी
कार्रवाई के दायरे में अधिकारीरतनलाल सिंह परिहार (निरीक्षक / टीआई, मिसरोद)
कार्रवाई का कारणआदिवासी छात्रों पर अभद्र टिप्पणी का वीडियो वायरल होना
प्रशासनिक कार्रवाईतत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस लाइन अटैच
जांच अधिकारीएसीपी मिसरोद (15 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश)

भोपाल पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पुलिस बल में किसी भी प्रकार का अमर्यादित आचरण, जातिगत या सामाजिक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।