
- सभापति वेंकैया नायडू ने सोमवार को 8 विपक्षी सांसदों को राज्यसभा की कार्यवाही से पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया
- डेरेक ओ’ब्रायन, राजीव सातव, संजय सिंह, केके रागेश, रिपुन बोरा, डोला सेन, सैयद नजीर हुसैन और इलामारन करीम ने अपने निलंबन को लोकतंत्र के खिलाफ बताया
संसद सत्र के नौवें दिन लोकसभा और राज्यसभा में कृषि बिलों को लेकर हंगामा हुआ। राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सभापति वेंकैया नायडू ने सोमवार को 8 विपक्षी सांसदों को सदन की कार्यवाही से पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। इस बीच, कांग्रेस समेत 18 विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर बिलों पर साइन नहीं करने की अपील की।
#WATCH: Suspended Trinamool Congress MP Dola Sen sings a song in the Parliament premises.
8 suspended Rajya Sabha MPs are protesting at Gandhi statue against their suspension from the House. pic.twitter.com/o1LXmni7Sp
— ANI (@ANI) September 21, 2020
उधर, संसद परिसर स्थित गांधी प्रतिमा पर निलंबित सांसद डेरेक ओ’ब्रायन, राजीव सातव, संजय सिंह, केके रागेश, रिपुन बोरा, डोला सेन, सैयद नजीर हुसैन और इलामारन करीम रात भर धरना देंगे। वे गाना गाकर विरोध जताते दिखे।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने सोमवार देर शाम इन निलंबित सांसदों से मिलने पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि रविवार को दो कृषि बिलों को बिना वोटिंग के पास कर दिया, जबकि विपक्षी सांसद विरोध कर रहे थे। इस मामले में सरकार और उपसभापति गलत थे, जबकि विपक्ष के सांसदों को सजा दी गई। सांसदों ने न उपसभापति को और न ही मार्शल को हाथ लगाया।
दरअसल, रविवार को कृषि से जुड़े दो विधेयक राज्यसभा में पास हुए थे। चर्चा के दौरान इन विपक्षी सांसदों ने वेल में आकर नारेबाजी और हंगामा किया था और उपसभापति हरिवंश का माइक निकालने की कोशिश की थी। इन सभी पर उपसभापति के साथ असंसदीय व्यवहार करने का आरोप है।








