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Unnao News: मीटिंग में मजे से बैठा था 11 लाख डकारने वाला अफसर, DM ने बीच मीटिंग से सीधे SP को मिलाया फोन, मिनटों में पहुंची पुलिस और मीटिंग हॉल से लाइव अरेस्ट हुआ बड़ा अधिकारी

Unnao News: मीटिंग में मजे से बैठा था 11 लाख डकारने वाला अफसर, DM ने बीच मीटिंग से सीधे SP को मिलाया फोन, मिनटों में पहुंची पुलिस और मीटिंग हॉल से लाइव अरेस्ट हुआ बड़ा अधिकारी

Unnao News: मीटिंग में मजे से बैठा था 11 लाख डकारने वाला अफसर, DM ने बीच मीटिंग से सीधे SP को मिलाया फोन, मिनटों में पहुंची पुलिस और मीटिंग हॉल से लाइव अरेस्ट हुआ बड़ा अधिकारी

उन्नाव: “एक और दिन, भ्रष्टाचार पर एक और करारा प्रहार।” उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में सोमवार को विकास भवन के भीतर जो कुछ भी हुआ, उसकी कल्पना वहां मौजूद किसी भी अधिकारी या कर्मचारी ने नहीं की थी। सरकारी बैठक की अध्यक्षता कर रहे उन्नाव के जिलाधिकारी (DM) घनश्याम मीना ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ऑन-द-स्पॉट (मौके पर ही) ऐसा विधिक और कड़ा एक्शन लिया, जिससे पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।

Unnao News: मीटिंग में मजे से बैठा था 11 लाख डकारने वाला अफसर, DM ने बीच मीटिंग से सीधे SP को मिलाया फोन, मिनटों में पहुंची पुलिस और मीटिंग हॉल से लाइव अरेस्ट हुआ बड़ा अधिकारी

डीएम ने मीटिंग के बीच में ही पुलिस को बुलाकर 11 लाख रुपये के सरकारी धन के गबन के आरोपी अधिकारी को सबके सामने गिरफ्तार करवाकर सीधे जेल भिजवा दिया।

आजीविका मिशन की बैठक और ‘नायक’ फिल्म जैसा क्लाइमेक्स

आधिकारिक विधिक जानकारी के अनुसार, सोमवार को विकास भवन सभागार में ‘उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन’ के अंतर्गत जिला स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक चल रही थी:

 डीएम ने सीधे एसपी को लगाया फोन, मिनटों में पहुंची पुलिस

भ्रष्टाचारियों के प्रति कड़ा विधिक रुख अख्तियार करते हुए डीएम ने बिना एक पल गंवाए बैठक के बीच से ही उन्नाव के पुलिस अधीक्षक (SP) जेपी सिंह को फोन मिलाया और तत्काल कड़ा पुलिस बल भेजने का निर्देश दिया:

  • सभागार से लाइव गिरफ्तारी: एसपी के निर्देश पर पुरवा कोतवाली पुलिस की टीम दौड़ती हुई विकास भवन सभागार के अंदर दाखिल हुई। डीएम के कड़े आदेश पर पुलिस ने बैठक में बैठे बीएमएम दीपराज को सबके सामने कॉलर पकड़कर हिरासत में ले लिया और कस्टडी में लेकर जेल रवाना हो गई।

  • बीडीओ पर गिरेगी गाज: इस त्वरित कार्रवाई के साथ ही डीएम ने संबंधित खंड विकास अधिकारी (BDO) पर भी गहरी नाराजगी जताई और इस गबन में शामिल अन्य सभी छोटे-बड़े कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विधिक धाराओं में तत्काल मुकदमा दर्ज करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

 कैसे हुआ था फर्जी समूहों का यह बड़ा घोटाला?

सूचना विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस महाघोटाले की शुरुआत जनसुनवाई पोर्टल पर आई एक विधिक शिकायत से हुई थी:

  • कागजों पर बने समूह: शिकायत में कहा गया था कि महिलाओं के विकास के नाम पर फर्जी स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups) गठित कर सरकारी पैसे को ठिकाने लगाया जा रहा है।

  • जांच में खुली पोल: डीएम द्वारा बनाई गई विशेष जांच समिति ने जब बैंक स्टेटमेंट, जमीनी हकीकत और विधिक दस्तावेजों को खंगाला, तो बीएमएम दीपराज को सरकारी धन के गबन का मुख्य मास्टरमाइंड पाया गया था, जिसके बाद उस पर केस दर्ज हुआ था।

 पिछले 4 साल के भुगतानों की खुलेगी विधिक कुंडली

इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय आजीविका मिशन के कार्यों में चल रही ढिलाई को लेकर कड़ा रुख अपनाया है:

  • स्पेशल कमेटी करेगी ऑडिट: डीएम ने आदेश दिया है कि पिछले 4 वर्षों में राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत जिले में किए गए एक-एक पाई के भुगतान की विशेष कमेटी द्वारा गहन स्क्रूटनी और ऑडिट किया जाए।

  • एक और ऑपरेटर नपेगा: जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के दौरान असोहा विकासखंड में एक कंप्यूटर ऑपरेटर के आपत्तिजनक स्थिति में पाए जाने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज न होने पर डीएम ने कड़ी फटकार लगाई और तत्काल विधिक मुकदमा दर्ज करने का हुक्म दिया। साथ ही, पुरवा के बीएमएम का वेतन रोकने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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