पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत “माँ-शिशु संवाद, खेल द्वारा सीखना एवं भाषा विकास” विषय पर कार्यक्रम आयोजित
पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत “माँ-शिशु संवाद, खेल द्वारा सीखना एवं भाषा विकास” विषय पर कार्यक्रम आयोजि
कटनी -महिला एवं बाल विकास विभाग, कटनी के परियोजना रीठी के सेक्टर बिलहरी में पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्र में जागरूकता एवं ईसीसीई (ECCE) आधारित गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम “माँ-शिशु संवाद, खेल के माध्यम से सीखना, कहानी सुनाना (Storytelling) एवं भाषा विकास” पर आधारित रही।
कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों को बताया गया कि 0 से 6 वर्ष की आयु बच्चों के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इस अवधि में लगभग 90 प्रतिशत मस्तिष्क का विकास होता है। इस उम्र में बच्चों के साथ संवाद, खेल एवं कहानी सुनाना उनके भाषा एवं संज्ञानात्मक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं अभिभावकों की उपस्थिति में बच्चों द्वारा कहानी सुनाना, कविताएं/बालगीत प्रस्तुत करना जैसी भाषा आधारित गतिविधियाँ करवाई गईं। साथ ही याददाश्त पर आधारित संज्ञानात्मक गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं, जिससे बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता एवं स्मरण शक्ति के विकास पर विशेष जोर दिया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से अभिभावकों को खेल-आधारित शिक्षा (Play-based Learning) के महत्व से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम का आयोजन बिलहरी सेक्टर सुपरवाइजर श्रीमति मीना तिवारी के आंगनवाड़ी केंद्र (श्रीमती कृष्णा चौरेसिया) में किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन जिला समन्वयक (मिशन नींव) श्री विनय राज दहिया एवं श्री अभिषेक गुप्ता द्वारा किया गया। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता रही।
सभी ने मिलकर बच्चों के बेहतर पोषण, प्रारंभिक देखभाल एवं समग्र विकास हेतु जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
अंत में सभी प्रतिभागियों को बच्चों के साथ नियमित संवाद, खेल-आधारित गतिविधियाँ, कहानी एवं कविताओं के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को अपनाने हेतु प्रेरित किया गया।

