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Uma Bharti: वेतन न लौटाने की पोस्ट के बाद उमा भारती से मिलने पहुंच गए मंत्री चैतन्य काश्‍यप, बोले- इस पर करूंगा विचार

भोपाल। मध्‍य प्रदेश के भाजपा विधायक चेतन कश्‍यप के विधायक का वेतन नहीं लेने के फैसले पर पूर्व मुख्‍यमंत्री उमा भारती ने एक्‍स हैंडल पर प्रतिक्रिया दी। इस प्रतिक्रिया के बाद मंत्री चैतन्य कश्यप खुद उमा भारती से मिले पहुंच गए। जिन्हें सफल मंत्री बनने के लिए उमा भारती ने शुभकामनाएं तथा आशीर्वाद भी दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री उमा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि रतलाम से विधायक एवं हाल ही में बने प्रदेश सरकार के मंत्री चैतन्य कश्यप मेरे दूसरे ट्वीट के जवाब में स्वयं उपस्थित हो गए। चैतन्य कश्यप जी को मैं 20 साल से जानती हूं वह बहुत बड़े व्यवसायी, बहुत बड़े दानी एवं समाजसेवी हैं। वह अपने व्यवसाय से प्राप्त लाभ का बहुत बड़ा हिस्सा दान करते हैं किंतु फिर भी मैंने अपना सुझाव दोहराया कि वह अपने वेतन एवं भत्ते सरकार को वापस करने की जगह पर दान की राशि में शामिल कर लिया करें, उन्होंने इस पर कहा कि वह इस पर विचार करेंगे।

 

. चैतन्य कश्यप जी को मैं 20 साल से जानती हूं वह बहुत बड़े व्यवसायी, बहुत बड़े दानी एवं समाजसेवी हैं।

  1. वह अपने व्यवसाय से प्राप्त लाभ का बहुत बड़ा… pic.twitter.com/CcSvZZOYG3

— Uma Bharti (@umasribharti) December 27, 2023

 

 

इससे पहले उमा भारती ने लिखा था कि हाल ही में मंत्री बने तथा रतलाम के एक संपन्न जैन व्यवसायी चेतन कश्यप ने अपनी संपत्ति 296 करोड़ घोषित की है । अभी कुछ दिनों पहले मध्यप्रदेश के अखबारों में उनकी तारीफ लिखी थी कि वो अपना विधायक का वेतन नहीं लेते जो कि साल भर का करीब 12 लाख होता है । 296 करोड़ वाला व्यक्ति अगर सरकार के 12 लाख छोड़ देता है तो इसमें कौनसी बड़ी बात है ।

उन्‍होंने कहा कि चेतन कश्यप सरकार को वेतन वापिस करने के बजाय वह राशि अभावग्रस्त लड़कियों की शिक्षा पर खर्च करें । हमें यह याद रखना पड़ेगा कि सभी विधायक बड़े व्यवसायी नहीं होते और ना वो राजनीति से अपना व्यवसाय बढ़ाते हैं ।

उमा भारती ने यह भी लिखा कि एक बार सांसद वरुण गांधी ने कहा था कि सांसदों को तनखा एवं पेंशन नहीं लेना चाहिए । वरुण गांधी ऐसा कर सकते हैंं, क्‍योंकि वो हजारों करोड़ की पैतृक संपत्ति के मालिक हैं । अपना सर्वस्व त्यागकर राजनीति के माध्यम से जनसेवा करने वाले जनप्रतिनिधियों को हर तरह की सहूलियत सरकार से मिलनी चाहिए ।

उन्‍होंने यह भी कहा कि अगर विधायकों और सांसदों को ईमानदारी की राह पर चलना आसान बनाना है तो चेतन कश्यप जैसे पूंजीपति विधायकों को छोड़कर सभी विधायक की तनखा एवं अन्य भत्ते आज की सभी परिस्थितियों को देखकर मिलना चाहिए ।

 

 

 

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