Ujjain Mosque Row: उज्जैन में शाही मस्जिद विवाद के बाद जुमे की नमाज पर हाई अलर्ट; 2,500 जवान तैनात, ड्रोन और 100 CCTV से रखी जा रही नजर

उज्जैन: सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण को लेकर 28 सितंबर को हुई हिंसक झड़प के बाद उज्जैन के जामा मस्जिद और शाही मस्जिद इलाके में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से हाई अलर्ट पर हैं। जुमे की नमाज के मद्देनजर शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में 2,500 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।

प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच हाई कोर्ट में हुए समझौते के बाद अब स्थिति नियंत्रण में है, फिर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर: 5 ASP और 21 DSP तैनात

इलाके में किसी भी अनहोनी से निपटने और शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा के त्रिस्तरीय इंतजाम किए गए हैं:

  • सुरक्षा बल: रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), एमपी पुलिस और पुलिस के घुड़सवार दस्तों द्वारा इलाके में फ्लैग मार्च किया गया है।

  • अधिकारियों की तैनाती: 5 एडिशनल एसपी (ASP) और 21 डीएसपी (DSP) स्तर के अधिकारी मौके पर मुस्तैदी से कमान संभाले हुए हैं।

  • तकनीकी निगरानी: पूरे इलाके में 100 से अधिक CCTV कैमरों और ड्रोन के जरिए चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है। मस्जिद के चारों ओर सुरक्षात्मक लोहे का ढांचा भी खड़ा किया गया है।

साइबर सेल की सोशल मीडिया पर सख्त नजर

भड़काऊ पोस्ट, नफरती रील और अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस की साइबर सेल लगातार सक्रिय है।

  • 100 से ज्यादा भ्रामक पोस्ट हटाए गए: अब तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से 100 से अधिक भ्रामक और नफरती पोस्ट्स को हटवाया जा चुका है।

  • गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश: मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों और नमाजियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैली गलतफहमियों के कारण तनाव उत्पन्न हुआ था। उन्होंने अपील की है कि शहर की भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब को सलामत रखते हुए शांतिपूर्ण तरीके से नमाज अदा की जाएगी।

क्या था विवाद और हाई कोर्ट में कैसे हुआ समझौता?

28 सितंबर को सिंहस्थ कुंभ 2028 के लिए सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के दौरान मस्जिद का एक हिस्सा हटाने को लेकर भीड़ और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई थी, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे।

हाई कोर्ट में हुआ समझौता:

शाही मस्जिद कमेटी और राज्य प्रशासन के बीच आपसी सहमति बनने के बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस विवाद से जुड़ी याचिका का निपटारा कर दिया।

    • प्रशासन ने पहले 9.5 फीट जगह मांगी थी, लेकिन समझौते के तहत अब मस्जिद का केवल 3 फीट हिस्सा हटाया जाएगा।

    • प्रभावित दुकानों को वैकल्पिक जगह और मानक मुआवजा दिया जाएगा।

    • मस्जिद परिसर के भीतर ही मीनार को स्थानांतरित (Relocate) करने पर सहमति बनी है।