जिम्बाब्वे में दर्दनाक नाव हादसा: करीबा झील में 153 यात्रियों से भरी ओवरलोड फेरी पलटी, 18 बच्चों समेत 72 की मौत
जिम्बाब्वे में दर्दनाक नाव हादसा: करीबा झील में 153 यात्रियों से भरी ओवरलोड फेरी पलटी, 18 बच्चों समेत 72 की मौत
अंतरराष्ट्रीय डेस्क : अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे की प्रसिद्ध ‘करीबा झील’ (Kariba Lake) में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। क्षमता से अधिक यात्रियों को ले जा रही एक पुरानी ओवरलोडेड फेरी के तेज लहरों में पलटने से 72 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 18 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। शनिवार को रेस्क्यू टीमों ने झील से 26 और शव बरामद किए, जिसके बाद पुलिस ने मौतों के इस नए आंकड़े की पुष्टि की है।
प्रशासनिक अनुमान के अनुसार, नाव में क्षमता से काफी अधिक लोग सवार थे। राहत एवं बचाव दल ने तत्परता दिखाते हुए अब तक 77 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है।
90 की क्षमता वाली बोट में ठूंसकर भरे गए थे 153 यात्री
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ओवरलोडिंग बनी हादसे की वजह: अधिकारियों के अनुसार जिस नौका में हादसा हुआ, उसकी क्षमता महज 90 यात्रियों को ले जाने की थी। लेकिन उसमें अनुमानतः 153 लोग सवार थे।
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तेज लहरों ने बिगाड़ा संतुलन: यह सरकारी एजेंसी द्वारा संचालित नौका करिबा शहर से देश के उत्तर-पश्चिम स्थित ग्रामीण व मछली पकड़ने वाले इलाकों की ओर जा रही थी। खराब सड़कों और सार्वजनिक परिवहन की कमी के कारण लोग नाव में सीमा से अधिक सवार हो गए थे। रास्ते में तेज लहरों की चपेट में आते ही नाव अनियंत्रित होकर पलट गई।
18 बच्चों की जान गई, सबसे छोटा मासूम सिर्फ 1 साल का था
पुलिस द्वारा जारी सूची के अनुसार:
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हादसे में जान गंवाने वाले 18 बच्चों में से 16 बच्चों की उम्र 10 वर्ष या उससे कम थी। इनमें सबसे छोटे मासूम की उम्र महज 1 वर्ष थी।
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शुरुआत में बच्चों का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं था, क्योंकि टिकट प्रणाली में छोटी उम्र के बच्चों की गिनती नहीं की गई थी।
77 लोगों का रेस्क्यू, छोटे द्वीप पर दी गई शरण
जिम्बाब्वे की डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में 77 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया। डूबने से बचाए गए लोगों को झील के एक छोटे द्वीप पर सुरक्षित पहुँचाया गया, जहाँ से उन्हें वापस तट पर लाने के लिए अतिरिक्त नौकाएँ भेजी गईं।
दुनिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील है ‘करीबा’
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इतिहास: करिबा झील दुनिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित (मैन-मेड) झील है। इसे 1950 के दशक के उत्तरार्ध में ज़ाम्बेजी नदी पर बांध बनाकर तैयार किया गया था।
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विशाल क्षेत्र: यह झील 200 किलोमीटर से अधिक लंबी और कुछ स्थानों पर 40 किलोमीटर तक चौड़ी है। जिम्बाब्वे और जाम्बिया देश इस झील को आपस में साझा करते हैं और दोनों देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमा इसके बीच से गुजरती है। जिम्बाब्वे में दर्दनाक नाव हादसा: करीबा झील में 153 यात्रियों से भरी ओवरलोड फेरी पलटी, 18 बच्चों समेत 72 की मौत








