
कटनी ।-शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी मेंआज को एक महत्वपूर्ण आयोजन हुआ। उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार तीन दिवसीय दीक्षारंभ समारोह का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय के स्नातक प्रथम वर्ष में नवप्रवेशित छात्राओं का स्वागत करना था।
समारोह की शुरुआत परंपरागत रूप से की गई, जहाँ नई छात्राओं का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। यह न केवल एक स्वागत समारोह था, बल्कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उनके प्रवेश का प्रतीक भी था। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात ने इस अवसर का लाभ उठाते हुए छात्राओं को प्रेरणादायक संबोधन दिया। उन्होंने छात्राओं को याद दिलाया कि वे अब एक नए अध्याय की शुरुआत कर रही हैं, जहाँ उन्हें अपने भविष्य और करियर के बारे में गंभीरता से सोचना होगा।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था नई शिक्षा नीति 2020 पर विशेष चर्चा। भौतिकी विभाग की अध्यक्ष डॉ. रश्मि चतुर्वेदी ने इस नीति के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह नीति कैसे शिक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी और छात्रों को अधिक व्यावहारिक और समग्र शिक्षा प्रदान करेगी।
समारोह में एक अनूठी पहल की गई, जिसमें महाविद्यालय के सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों का नई छात्राओं से परिचय कराया गया। यह कदम निश्चित रूप से छात्राओं को संस्थान के साथ जुड़ाव महसूस कराने में मददगार रहा। इसके अलावा, वरिष्ठ छात्राओं ने नवागंतुकों को कैंपस का भ्रमण कराया, जिससे उन्हें अपने नए शैक्षणिक परिवेश से परिचित होने का मौका मिला। डॉ. प्रज्ञा अग्रवाल और डॉ. संजयकांत भारद्वाज ने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया। समारोह की शोभा महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापकों की उपस्थिति से और बढ़ गई। डॉ. साधना जैन, डॉ. विमला मिंज, डॉ. आर.के. गुप्ता, डॉ. किरण खरादी, श्री अमिताभ पांडेय, श्री के.जे. सिन्हा, डॉ. वीणा सिंह, श्रीमती बंदना मिश्रा, श्रीमती सुनीता श्रीवास्तव, श्री विनेश यादव, श्रीमती नेहा चौधरी, श्री नागेंद्र यादव सहित अन्य स्टाफ सदस्यों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया।
यह दीक्षारंभ समारोह न केवल एक औपचारिक स्वागत था, बल्कि छात्राओं के लिए एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक भी था। इसने उन्हें उच्च शिक्षा के महत्व और अपने भविष्य के प्रति जागरूक होने का अवसर प्रदान किया। नई शिक्षा नीति 2020 पर विशेष ध्यान देने से यह स्पष्ट हो गया कि महाविद्यालय शैक्षणिक नवाचारों को अपनाने और छात्राओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
समारोह ने छात्राओं, शिक्षकों और प्रशासन के बीच एक मजबूत संबंध स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया। यह आयोजन न केवल शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत का प्रतीक था, बल्कि एक ऐसे भविष्य की ओर एक कदम भी था जहाँ शिक्षा समावेशी, नवोन्मेषी और छात्र-केंद्रित होगी।








