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इस बार जिला पुलिस बल की बजाय आरपीएफ पर भरोसा किया मुखबिरों ने, सटीक सूचना पर आरपीएफ ने गांजा तस्कर को पकड़ कर किया कोतवाली पुलिस के हवाले, 18 किलो प्रतिबंधित गांजा बरामद

कटनी(YASHBHARAT.COM)। ट्रेनों के जरिए शराब और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी का गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन शराब और गांजा सहित दूसरे मादक पदार्थों की खेप शहर पहुंचती है और फिर शहर से उसे जिले उपनगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचाया जाता है। यह बात और है कि कभी कभार अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले मुखबिरों की सटीक सूचना पर पुलिस के हत्थे चढ़ जाते हैं और जेल पहुंच जाते हैं लेकिन कई बार तस्करों की किस्मत से कुछ ऐसे पुलिस वाले भी मिल जाते हैं जो चंद पैसों की लालच में अपना ईमान बेच देते हैं। जैसे पिछले दिनों ट्रेन से आई लगभग एक क्विंटल प्रतिबंधित गांजा की खेप में देखने को मिला। जिला पुलिस में पदस्थ कुछ पुलिस कर्मियों ने पकड़ने के बाद न केवल गांजा तस्करों को छोड़ दिया बल्कि तस्करों के पास से बरामद लगभग एक क्विंटल प्रतिबंधित गांजा को भी खुर्द बुर्द कर दिया, जिसकी कीमत अवैध कारोबार के बाजार में लगभग एक लाख बताई जाती है। सोशल मीडिया में गांजा तस्करों को पकड़ने और छोड़ने सहित गांजा खुर्द बुर्द करने को लेकर हो हल्ला हुआ तो पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने जांच बैठाई और पूरे मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया को सौंपी। पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया जांच में आरोपित पुलिस कर्मियों के विरुद्ध ऐसे कोई साक्ष्य नहीं एकत्रित कर पाए कि जिससे यह सिद्ध हो सके कि उन्होंने गांजा तस्करों को पकड़ कर छोड़ा है और तस्करों से बरामद प्रतिबंधित गांजा की लगभग एक क्विंटल खेप को खुर्द बुर्द किया है। लिहाजा इस मामले की जांच दूसरे मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चली गई और मामले में हेरा फेरी करने वाले पुलिस कर्मियों ने राहत की सांस लेते हुए फिर हेरा फेरी फिल्म की तैयारी में लग गए।
बहरहाल एक बार फिर ट्रेन से प्रतिबंधित गांजा की खेप लेकर कटनी पहुंचे तस्कर पकड़े गए हैं और उनके पास से लगभग 18 किलो प्रतिबंधित गांजा की खेप बरामद की गई है। लेकिन इस बार तस्कर जिला पुलिस बल की बजाय आरपीएफ के हत्थे चढ़े।वो इसलिए क्योंकि पिछली बार मुखबिरों ने जिला पुलिस बल को सूचना देकर पछता रहे थे। इस कारण इस बार मुखबिरों ने न तो जिला पुलिस बल को और न ही जीआरपी को ट्रेन से प्रतिबंधित गांजा की तस्करी होने की सूचना दी। मुखबिरों ने इस बार आरपीएफ पर भरोसा जताया और आरपीएफ को ट्रेन से गांजा तस्करी होने की सटीक सूचना आरपीएफ को दी। लिहाजा मुखबिरों की सटीक सूचना को आरपीएफ ने गंभीरता से लिया और कटनी जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर 5 की ओर प्रतिबंधित गांजा की लगभग 18 किलो की खेप के साथ सतना जिले के बिरसिंहपुर क्षेत्र निवासी राम गोपाल वर्मा नामक युवक को हिरासत में लिया।
फ़िर आगे बढ़ी कार्रवाई
चूंकि आरपीएफ सिर्फ रेल अधिनियम के तहत कार्रवाई कर सकती है इसलिए उसने इसकी सूचना जिला पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया के दिशा निर्देश और नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया के मार्गदर्शन में कोतवाली प्रभारी राखी पांडे और खिरहनी पुलिस चौकी प्रभारी किशोर कुमार द्विवेदी अपनी टीम के साथ सक्रिय हुए और आरपीएफ से पूरा मामला अपने अधिकार में लेकर आरोपी के विरुद्ध नारकोटिक्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

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