रोशननगर के युवा ने रोशन किया शहर का नाम, तीसरी इंडो-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय क्योकुशिन (फुल कॉन्टैक्ट) कराटे प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक

कटनी। तीसरी इंडो-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय क्योकुशिन (फुल कॉन्टैक्ट) कराटे प्रतियोगिता 27 से 30 दिसंबर तक मध्य प्रदेश के मंदसौर में आयोजित हुई। इस प्रतियोगिता में भारत के विभिन्न राज्यों और नेपाल के विभिन्न प्रांतों से 300 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। इनमें मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित श्री श्री वैदिक गुरुकुल ओंकारेश्वर के विद्यार्थी भी शामिल थे, जो आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के अंतर्गत आता है। गुरुकुल के छह विद्यार्थियों ने इस प्रतियोगिता में विभिन्न पदक जीते। जिसमें कटनी शहर के उपनगरीय क्षेत्र रोशननगर निवासी रीता महेश तिवारी के पुत्र ऋषभ राज तिवारी भी शामिल है। ऋषभ राज तिवारी ने काता में स्वर्ण पदक और 50-55 किग्रा वेट कैटेगरी कुमिते (फाइट) में रजत पदक जीत कर शहर व जिले का नाम रोशन किया है। वहीं गुरुकुल के विद्यार्थी सूरज मिश्रा ने 45-50 किग्रा वेट कैटेगरी कुमिते (फाइट) में स्वर्ण पदक और काता में रजत पदक जीता। चंद्रभानु मिश्रा ने 75-80 किग्रा वेट कैटेगरी कुमिते (फाइट) में रजत पदक जीता। तन्मय त्रिवेदी ने 55-60 किग्रा वेट कैटेगरी कुमिते (फाइट) में कांस्य पदक जीता। अर्जुन शर्मा ने 70-75 किग्रा वेट कैटेगरी कुमिते (फाइट) में कांस्य पदक जीता।कृष्णा दुबे ने जूनियर कैटेगरी 50-55 किग्रा कुमिते (फाइट) में कांस्य पदक जीता। गुरूकुल के आचार्य (सेंसेई) रामकुमार गौतम ने बताया कि वे गुरुकुल के छात्रों को वेदों के साथ-साथ योग और मार्शल आर्ट्स भी सिखाते हैं । उन्होंने भारतीय संस्कृति में शास्त्र और शस्त्र दोनों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा शस्त्रधारकं शास्त्रधारकं शस्त्र-शास्त्र धारकं भवतु भारतम्। (भारत शास्त्र और शस्त्र दोनों का धारक बने)। उन्होंने बताया कि शास्त्र के साथ-साथ शस्त्र का ज्ञान भी उतना ही आवश्यक है। गुरुकुल में छात्र सुबह 4 बजे अपनी दिनचर्या शुरू करते हैं, जिसमें वेदों और आधुनिक विषयों का अध्ययन, विभिन्न खेल, योग और मार्शल आर्ट्स का प्रतिदिन अभ्यास शामिल है। उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण और दृढ़ संकल्प ने उन्हें यह सफलता दिलाई है। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि भारत के सभी गुरुकुलों के लिए भी गर्व का विषय है।








