शीर्षक – गांधी शांति दूत थे गांधी बाबा,जग में सबसे न्यारे। मिले महात्मा गांधी हमको, बापू सबके प्यारे

शीर्षक – गांधी शांति दूत थे गांधी बाबा,जग में सबसे न्यारे।
मिले महात्मा गांधी हमको, बापू सबके प्यारे।
काटे बंधन घातक सारे ,हिला प्रशासन सारा |
भारत छोड़ो आंदोलन में, चुन -चुन अरि को मारा ।
बापू मेरे जग में न्यारे , दुश्मन उनसे हारे ।
मिले महात्मा गाँधी हमको, बापू सबके प्यारे ।।
खादी बनता चरखा चलता, नव पहचान बनाई।
भोग वासना मदिरा छोड़ी, बात नई सिख लाई।।
सत्य अहिंसा पाठ पढ़ा कर,रोज लगाये नारे ।
मिले महात्मा गाँधी हमको, बापू सबके प्यारे ।।
भेदभाव को खत्म किया है, नव सम्मान दिलाया ।
महिला रक्षा अधिकार बने, न्याय उचित करवाया।।
गाँधी जी के पथ पर चलना, हो अब लक्ष्य हमारे ।
मिले महात्मा गाँधी हमको, बापू सबके प्यारे ।।
दक्षिण अफ्रीका से गाँधी ,बैरिस्टर बन आए ।
देश प्रेम में बढ़ता भारत, खुशियाँ गाँधी लाए।।
देश वतन पर मिटना हमको , गूँजे जन- जन नारे ।
मिले महात्मा गाँधी हमको, बापू सबके प्यारे ।।
शैलेन्द्र पयासी, साहित्यकार
विजयराघवगढ़,कटनी,








