दुर्घटना से क्षतिग्रस्त रेल ट्रैक हुआ दुरुस्त, बीना- बिलासपुर रेल खंड पर धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हालात, ट्रेनों का परिचालन भी हुआ सुचारू 

कटनी (YASHBHARAT.COM)। न्यू कटनी जंक्शन के यार्ड की ए केबिन के पास बाबा घाट गायत्री नगर में कल 7 मार्च शनिवार की सुबह 10:30 बजे के लगभग गुजरात जा रही कोयले से लदी मालगाड़ी के 5-6 डिब्बे पटरी से उतरने के बाद रेलवे के द्वारा युद्धस्तर पर राहत, बचाव, मरम्मत और सुधार कार्य कराया गया। दुर्घटना की वजह से रेल ट्रैक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ था, जिसे दुरुस्त करने में रेलवे को 24 घंटे से अधिक का समय लगा। रेल्वे के इस कार्य में आकाश ट्रेंडिंग के कर्मचारी भी लगे रहे। जिससे प्रभावित रेल मार्ग को ठीक कर यातायात सुचारू कर दिया गया है। घटना के कारण ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया था और कुछ ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया गया था।फिलहाल स्थिति सामान्य है औरदुर्घटना की वजह पता लगाने जांच जारी है। राहत और बचाव कार्य के बाद, अब कटनी होकर गुजरने वाली रेल सेवाएं सामान्य रूप से काम कर रही हैं।

रेल्वे के काम आया ग्रेड सेपरेटर

इस दुर्घटना के बाद बीना-बिलासपुर रेलखंड पर झलवारा स्टेशन से मझगवा फाटक स्टेशन के बीच नव निर्मित ग्रेड सेपरेटर रेलवे के बहुत काम आया। गौरतलब है कि इस दुर्घटना की वजह से दो रेलवे स्टेशन कटनी मुड़वारा और कटनी साउथ ज्यादा प्रभावित हुए थे। कटनी साउथ स्टेशन होकर चलने वाली ट्रेनों को तो मार्ग परिवर्तित कर कटनी जंक्शन होकर चलाया गया लेकिन कटनी मुड़वारा स्टेशन होकर चलने वाली बीना-बिलासपुर रेल खंड की सभी ट्रेनों को ग्रेड सेपरेटर के रास्ते चलाया गया और इनका स्टॉपेज हरदुआ स्टेशन और झलवारा स्टेशन दिया गया। जिसके कारण कटनी मुड़वारा स्टेशन से यात्रा प्रारंभ और समाप्त करने वाले यात्रियों को अनावश्यक हरदुआ स्टेशन और झलवारा स्टेशन दौड़ना पड़ा। ग्रेड सेपरेटर के एक ट्रैक पर मालगाड़ियों का परिचालन शुरु नहीं हुआ होता तो सभी ट्रेनों को कटनी जंक्शन होकर ही चलाना पड़ता, ऐसे में कटनी जंक्शन का यातायात दबाव बढ़ जाता।

हादसे की जांच शुरू

रेल प्रशासन द्वारा मालगाड़ी की बोगियां एक-दूसरे पर चढ़ने के कारणों की जांच की जा रही है, जिसमें अधिक गति (speed) को एक संभावित कारण माना जा रहा है।

Exit mobile version