अमरावती में 3 लोगों की जान लेने वाली आदमखोर बाघिन काबू में, लेकिन इलाज के दौरान मौत; वन विभाग में मचा हड़कंप

अमरावती में 3 लोगों की जान लेने वाली आदमखोर बाघिन काबू में, लेकिन इलाज के दौरान मौत; वन विभाग में मचा हड़कंप
अमरावती/भोपाल (Yashbharat.com)। महाराष्ट्र के अमरावती जिले में पिछले कुछ समय से दहशत का पर्याय बनी आदमखोर बाघिन का आतंक आखिरकार समाप्त हो गया है। मोर्शी, चांदूर बाजार और तिवसा इलाकों में तीन लोगों की जान लेने वाली इस उग्र बाघिन को वन विभाग की संयुक्त टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद ट्रेंकुलाइज (बेहोश) कर पकड़ लिया। हालांकि, पकड़ने के बाद बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ इलाज के लिए केंद्र ले जाते समय रास्ते में ही बाघिन की मौत हो गई।
नागपुर, पुणे और अमरावती की टीमों ने चलाया संयुक्त ऑपरेशन
बाघिन के लगातार बढ़ते हमलों को देखते हुए वन विभाग ने चंद्रपुर, नागपुर, पुणे और अमरावती से विशेषज्ञों की विशेष टीमें बुलाई थीं।
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सोनोरी गांव के पास मिला लोकेशन: सोनोरी गांव के खेतों के पास बाघिन की मौजूदगी की पुष्टि हुई।
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ड्रोन से रखी गई निगरानी: पुणे के ‘रिस्क एरिटेबल ट्रस्ट’ के मुख्य पशु चिकित्सक डॉ. हेमराज ने बाघिन पर डार्ट चलाकर उसे बेहोश किया।
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नाला परिसर से किया रेस्क्यू: बेहोश होने के बाद बाघिन घटनास्थल से लगभग 1 किलोमीटर दूर नाले में गिर पड़ी, जिसके बाद ड्रोन से ट्रैक कर टीम ने उसे अपने कब्जे में ले लिया।
ऑक्सीजन देने के बावजूद नहीं बच सकी जान
रेस्क्यू के बाद बाघिन को उपचार के लिए परतवाड़ा सेंटर ले जाया जा रहा था। रास्ते में तबीयत बिगड़ने पर मोर्शी के एक स्कूल में उसे इमरजेंसी ऑक्सीजन भी दी गई, लेकिन उसने दम तोड़ दिया।
अचानक हुई बाघिन की मौत से वन विभाग के अधिकारियों और वन्यजीव प्रेमियों में हड़कंप मच गया है। वन विभाग अब विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट के जरिए इस बात की जांच कर रहा है कि मौत अत्यधिक तनाव, ट्रेंकुलाइजर दवा के डोज या किसी अंदरूनी चोट के कारण हुई है।अमरावती में 3 लोगों की जान लेने वाली आदमखोर बाघिन काबू में, लेकिन इलाज के दौरान मौत; वन विभाग में मचा हड़कंप








