स्पोर्ट्स डेस्क: भारत की मेजबानी में खेले गए मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 को खत्म हुए भले ही लगभग 3 महीने बीत चुके हैं, लेकिन बांग्लादेश क्रिकेट में इस टूर्नामेंट के बॉयकॉट (बहिष्कार) को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस समय ऑस्ट्रेलियाई टीम की मेजबानी कर रहे बांग्लादेश में यह मुद्दा एक बार फिर तब गर्मा गया, जब स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज लिटन दास (Litton Das) ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए।
“खिलाड़ियों की सहमति नहीं थी, सिर्फ मीडिया स्टंट था”
बांग्लादेश के प्रतिष्ठित अखबार प्रोथोम आलो को दिए एक इंटरव्यू में लिटन दास ने साफ किया कि भारत में खेलने से इनकार करने का फैसला खिलाड़ियों की मर्जी से नहीं बल्कि बोर्ड की तानाशाही की वजह से हुआ था।
लिटन ने पूर्व खेल सलाहकार आसिफ नजरुल के उस दावे की धज्जियां उड़ा दीं, जिसमें कहा गया था कि खिलाड़ियों और BCB ने मिलकर सुरक्षा कारणों से भारत न जाने का फैसला किया था। लिटन ने कहा:
“जनवरी में वर्ल्ड कप को लेकर खिलाड़ियों के साथ जो बैठक बुलाई गई थी, वह महज एक दिखावा और मीडिया स्टंट था। वहां कोई सवाल-जवाब नहीं हुआ। हम लोग वहां सिर्फ बैठक में शामिल होने और चाय पीने गए थे। फैसला बोर्ड पहले ही ले चुका था।”
“पाकिस्तान से ज्यादा खतरनाक सुरक्षा और कहां होगी?”
बोर्ड की पोल खोलते हुए लिटन दास ने बांग्लादेश के पिछले पाकिस्तान दौरे का उदाहरण दिया। उन्होंने सुरक्षा के बहाने भारत का दौरा रद्द करने के फैसले पर तंज कसते हुए कहा:
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खिलाड़ियों का स्टैंड: “जब हमसे पूछा गया कि हम क्या चाहते हैं, तो एक खिलाड़ी के तौर पर हमारा साफ जवाब था कि हम सिर्फ क्रिकेट खेलना चाहते हैं। लेकिन बोर्ड ने भारत में सुरक्षा को लेकर जानबूझकर सवाल उठाए।”
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पाकिस्तान का सच: “जब हम पाकिस्तान खेलने गए थे, तब हमारे होटलों के कमरों के बाहर बंदूकें लेकर सुरक्षाकर्मी तैनात रहते थे। इससे ज्यादा सख्त और खतरनाक सुरक्षा हालात क्या हो सकते हैं? लेकिन वहां हम खेले। भारत न जाने का फैसला पूरी तरह राजनीति से प्रेरित था, इसमें खिलाड़ियों की कोई भूमिका नहीं थी। T20 World Cup 2026: “हम सिर्फ चाय पीने गए थे…” भारत न आने के फैसले पर लिटन दास का BCB पर बड़ा धमाका, पोल खुली
कैसे स्कॉटलैंड को मिला था वर्ल्ड कप का टिकट?
गौरतलब है कि T20 वर्ल्ड कप 2026 से ठीक पहले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने भारत में सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए आईसीसी (ICC) के सामने शर्त रखी थी कि उनके ग्रुप स्टेज के मैच भारत से बाहर शिफ्ट किए जाएं।
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ICC का कड़ा रुख: आईसीसी ने एक स्वतंत्र सुरक्षा एजेंसी से जांच कराने के बाद साफ कर दिया था कि भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को कोई खतरा नहीं है।
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बांग्लादेश का पत्ता कटा: जब BCB अपनी जिद पर अड़ा रहा, तो आईसीसी ने कड़ा एक्शन लेते हुए बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया और उनकी जगह स्कॉटलैंड को मुख्य ड्रॉ में शामिल कर लिया था।
लिटन दास के इस कबूलनामे के बाद अब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पूरी दुनिया के सामने बेनकाब हो गया है और वहां के फैंस भी बोर्ड के इस आत्मघाती फैसले के खिलाफ सोशल मीडिया पर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।
