कटनी में बाल गृहों का औचक निरीक्षण: अपर कलेक्टर ने कमियों पर जताई कड़ी नाराजगी, व्यवस्था सुधारने की दी अंतिम चेतावनी
अपर कलेक्टर नीलाम्बर मिश्र के नेतृत्व में समिति ने परखी व्यवस्थाएं; रिकॉर्ड संधारण, परामर्श और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के दिए सख्त निर्देश

कटनी में बाल गृहों का औचक निरीक्षण: अपर कलेक्टर ने कमियों पर जताई कड़ी नाराजगी, व्यवस्था सुधारने की दी अंतिम चेतावनी
कटनी: बाल देखरेख संस्थाओं में रह रहे बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण, शिक्षा और पुनर्वास में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय निरीक्षण समिति ने मिशन वात्सल्य के तहत संचालित बाल देखरेख संस्थाओं का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों पर समिति ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रबंधन को व्यवस्थाएं तत्काल सुधारने की हिदायत दी है।
किशोर न्याय अधिनियम, 2015 (संशोधित 2021) की धारा 54 के तहत गठित इस समिति का नेतृत्व अपर कलेक्टर श्री नीलाम्बर मिश्र ने किया।
इन संस्थाओं का किया गया निरीक्षण
समिति ने जिले की प्रमुख बाल देखरेख संस्थाओं का बारीकी से परीक्षण किया:
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आसरा बाल गृह
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लिटिल स्टार फाउंडेशन बालिका गृह
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आशा किरण बाल गृह
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किलकारी विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी
निरीक्षण के दौरान बच्चों को मिल रहे भोजन, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और खेलकूद जैसी सुविधाओं का जायजा लिया गया। समिति के सदस्यों ने बच्चों से सीधे बातचीत कर सुविधाओं की हकीकत जानी।
बालिका गृह की अव्यवस्थाओं पर सख्त हिदायत
निरीक्षण के दौरान बालिका गृह में कई गंभीर कमियां पाई गईं, जिस पर समिति ने कड़ी अप्रसन्नता जताई:
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अधूरा रिकॉर्ड: बालिकाओं की व्यक्तिगत फाइलों (केस फाइलों) का सही ढंग से संधारण नहीं पाया गया।
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कमजोर परामर्श व्यवस्था: बालिकाओं के लिए परामर्श (काउंसलिंग) की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं मिली।
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जवाबदेही की कमी: संस्था के कर्मचारी अपने दायित्वों के संबंध में संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके।
समिति के प्रमुख निर्देश
समिति ने संस्था अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाल सुरक्षा और पुनर्वास मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा:
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बच्चों के सभी रिकॉर्ड, परामर्श प्रक्रिया और पुनर्वास योजनाओं को तत्काल अपडेट व दुरुस्त किया जाए।
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नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पाठ्येतर गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के समग्र विकास पर ध्यान दिया जाए।
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संस्थाओं के संचालन में शासन द्वारा निर्धारित नियमों और मानकों का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य रूप से किया जाए।
निरीक्षण समिति में ये रहे शामिल:
अपर कलेक्टर श्री नीलाम्बर मिश्र (अध्यक्ष), जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास (सदस्य सचिव), बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री योगेश सिंह बघेल, डॉ. पूजा हिन्दूजा, डॉ. संदीप निगम, पर्यावरणविद श्री निर्भय सिंह तथा डॉ. अशोक चौदहा।








