
Sukhdev Singh Murder Case: राजस्थान बंद का असर शुरू, सर्वसमाज द्वारा जयपुर बंद का समर्थन किया। राजपूत करणी सेना के राजस्थान अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की जयपुर में दिनदहाड़े हत्या से पूरा राजपूत समाज आक्रोशित है। राजधानी जयपुर में प्रदेश और देश भर से राजपूत नेता पहुंच रहे हैं। जयपुर समेत पूरे राजस्थान में बुधवार को बंद का आह्वान किया गया है।
सर्वसमाज द्वारा जयपुर बंद का समर्थन
श्री करणी सेना राजस्थान के अध्यक्ष श्री सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की गोली मारकर मारने के विरोध में जयपुर बंद का समर्थन करते हैं। डां रवि जिंदल अध्यक्ष श्री ढहर का बालाजी व्यापार एसोसिएशन (रजि) सीकर रोड जयपुर।
गोगामेड़ी की हत्या के विरोध में भीलवाड़ा व शाहपुरा बंद
जयपुर में श्री करणी राजपूत सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के विरोध में बुधवार को भीलवाड़ा एवं शाहपुरा जिला मुख्यालय के अलावा बनेड़ा कस्बा बंद है। राजपूत समाज के आह्वान पर बंद किया गया है। राजपूत समाज आह्वान पर सुबह से ही शहर के सभी काफी बाजार पूर्णत बंद दिखाई दे रहे हैं। बंद का मिला जुला असर है। आवश्यक सेवाओं को छोड़ सभी व्यावसायिक गतिविधियां यहां बंद दिखाई दे रही हैं। बंद को देखते हुए पुलिस ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। शहर के प्रमुख चैराहों पर पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। वहीं, राजपूत समाज व सर्व समाज द्वारा दिन में एकत्रित होकर जुलूस निकालकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन देने पहुंचेंगे।
सवाई माधोपुर भी बंद
- श्री राजपूत करणी सेना के आहवाहन पर सवाई माधोपुर बंद
- सर्व समाज का मिला बंद को समर्थन
- करणी सेना सहित सर्व के लोगो ने बाजार में निकाला जुलूस
- आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग
रामलीला मैदान में एकत्र हुए सर्वसमाज के युवा
जयपुर के श्यामनगर में राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की बदमाशों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दिए जाने के मामले को लेकर सुबह सीकर जिला मुख्यालय स्थित रामलीला मैदान में राजपूत समाज सहित सर्वसमाज के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हुए। साथ ही सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या पर आक्रोश जताते हुए हत्या करने वाले आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिए जाने की मांग की।
आक्रोशित लोगों ने इस संबंध में पुलिस पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस की लापरवाही की वजह से सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या हुई है। रामलीला मैदान एकत्र होने के बाद सभी युवा सीकर के बाजारों की ओर बंद करवाने निकल पड़े।








