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सेवा पखवाड़ा: सत्य, अहिंसा और स्वदेशी के प्रति समर्पण कन्या महाविद्यालय में हुआ सेवा पखवाड़ा का समापन

सेवा पखवाड़ा: सत्य, अहिंसा और स्वदेशी के प्रति समर्पण कन्या महाविद्यालय में हुआ सेवा पखवाड़ा का समाप

कटनी- मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक “सेवा पखवाड़ा” अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य समाज में स्वच्छता, सेवा, और सामुदायिक जागरूकता को बढ़ावा देना है। इसी क्रम में, 2 अक्टूबर 2025 को महाविद्यालय में प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात के मार्गदर्शन में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जन्मदिवस के अवसर पर सत्य एवं अहिंसा की शपथ, स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग की शपथ, और उत्पाद पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सेवा पखवाड़ा के उद्देश्यों को साकार करने में महत्वपूर्ण रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और वंदना के साथ हुआ। इसके बाद, महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर उनकी स्मृति को नमन किया गया। प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात ने अपने उदबोधन में महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, और स्वदेशी के सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। उनके प्रेरक शब्दों ने उपस्थित सभी छात्राओं में उत्साह और जागरूकता का संचार किया, जिससे वे सामाजिक और व्यक्तिगत विकास के प्रति प्रेरित हुईं।

इस आयोजन में महाविद्यालय के प्राध्यापक, सह प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, अतिथि विद्वान, और स्ववित्तीय अतिथि विद्वान उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. साधना जैन,डॉ. विमला मिंज, डॉ. रश्मि चतुर्वेदी बंदना मिश्रा, के.जे. सिन्हा, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. वीणा सिंह, डॉ. रोशनी पाण्डेय, विनेश यादव, नागेन्द्र यादव पंकज सेन, डॉ. संजयकांत भारद्वाज, भीम बर्मन, प्रेमलाल कॉवरे, श्वेता कोरी, रिचा दुबे, डॉ. वंदना चौहान, अंजनेय तिवारी, वर्मा, , सुश्री पूजा सिंह राजपूत, डॉ. प्रतिमा सिंह, प्रियंका सोनी, , सृष्टि श्रीवास्तव, रत्नेश कुशवाहा, देववती चक्रवर्ती, मैत्रेयी शुक्ला, डॉ. अनिका वालिया, और डॉ.. श्रद्धा वर्मा शामिल थे। छात्राओं की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और प्रभावशाली बनाया। यह आयोजन सत्य, अहिंसा, और स्वदेशी के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में सफल रहा। ऐसे आयोजन समाज में सेवा और जागरूकता का संदेश प्रसारित करते हैं, जो छात्राओं और समुदाय के लिए प्रेरणादायक हैं। यह कार्यक्रम सामाजिक जिम्मेदारी और स्वदेशी के महत्व को रेखांकित करने में एक सार्थक प्रयास रहा।

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