कॉलोनी का नक्शा पास करने के बदले मांगे थे पैसे, 30 हजार की रिश्वत लेते SDM का स्टेनो रंगे हाथों गिरफ्तार
कॉलोनी का नक्शा पास करने के बदले मांगे थे पैसे, 30 हजार की रिश्वत लेते SDM का स्टेनो रंगे हाथों गिरफ्तार। मध्य प्रदेश में सरकारी दफ्तरों में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ ईओडब्ल्यू (EOW) जबलपुर की टीम ने आज नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा में सर्जिकल स्ट्राइक की है। यहां एसडीएम (SDM) कार्यालय के स्टेनो को कॉलोनी निर्माण से जुड़े एक काम के बदले 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
कॉलोनी का नक्शा पास करने के बदले मांगे थे पैसे, 30 हजार की रिश्वत लेते SDM का स्टेनो रंगे हाथों गिरफ्तार
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता संजय राय (पिता अशोक राय, उम्र 32 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक-7, तेंदूखेड़ा) ने ईओडब्ल्यू जबलपुर के पास गुहार लगाई थी। संजय ने बताया कि:
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नक्शे का प्रस्ताव: उन्होंने अपनी कॉलोनी के निर्माण के नक्शे के प्रस्ताव पर स्थल निरीक्षण रिपोर्ट (Site Inspection Report) लगाने के लिए एसडीएम कार्यालय में आवेदन दिया था।
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रिश्वत की मांग: इस रिपोर्ट को आगे बढ़ाने और काम पूरा करने के बदले एसडीएम के स्टेनो ने रिश्वत की मांग की थी।
EOW ने बिछाया जाल, रंगे हाथों दबोचा
शिकायत की पुष्टि होने के बाद ईओडब्ल्यू की टीम ने आज 14 मई को योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही संजय राय ने स्टेनो को रिश्वत की रकम के रूप में 30 हजार रुपये थमाए, पहले से तैनात टीम ने उसे धर दबोचा।
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भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस: आरोपी स्टेनो के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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कार्यवाही जारी: गिरफ्तारी के बाद टीम ने स्टेनो के हाथ धुलवाए, तो रंग निकल आया, जो रिश्वत लेने का पुख्ता प्रमाण है। फिलहाल ईओडब्ल्यू की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और कार्यालय के अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है।
प्रशासनिक महकमे में हड़कंप
एसडीएम कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण दफ्तर में स्टेनो की गिरफ्तारी के बाद पूरे जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलोनी निर्माण और जमीनी संबंधी कार्यों में बिना ‘लेन-देन’ के फाइलें आगे नहीं बढ़तीं, ऐसे में ईओडब्ल्यू की यह कार्रवाई एक कड़ा संदेश देगी।

