Wednesday, May 13, 2026
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ऋषि पंचमी 2024: जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इसका महत्व

ऋषि पंचमी 2024: जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इसका महत्व। हिन्दू धर्म में ऋषि पंचमी के दिन सप्तऋषियों की पूजा करने से लोगों को सुखी जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में आने वाले कष्टों से छुटकारा मिलता है. इसके अलावा घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

 हिन्दू धर्म में ऋषि पंचमी का व्रत सप्तऋषियों की पूजा करने के लिए हर साल मनाया जाता है. यह व्रत विशेष रूप से महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. माना जाता है कि इस व्रत को करने से लोगों को संतान प्राप्ति होती है।

और वैवाहिक जीवन सुखमय होता है. ऋषि पंचमी का पर्व हर महीने भाद्रपद महीने में शुक्ल पक्ष पंचमी को मनाया जाता है. यह पर्व गणेश चतुर्थी के अगले दिन पड़ता है. इस पर्व के दिन सप्त ऋषियों के प्रति श्रद्धा भाव व्यक्त किया जाता है. ऐसी मान्यता है कि यह व्रत जाने-अनजाने में हुए पापों से मुक्ति दिलाता है. इस दिन गंगा स्नान का भी विशेष महत्व है. यह व्रत पुरुष भी अपनी पत्नी के लिए रख सकते हैं.

ऋषि पंचमी के दिन सप्त ऋषियों – कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, वशिष्ठ, गौतम, जमदग्नि, और विश्वामित्र की पूजा की जाती है. ये सात ऋषि ब्रह्मा, विष्णु और महेश के अंश माने जाते हैं. ये ही वेदों और धर्मशास्त्रों के रचयिता हैं. माना जाता है कि इस व्रत को करने से सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति आती है.

पंचांग के अनुसार, इस साल भाद्रपद माह शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 7 सितंबर को शाम 05 बजकर 37 मिनट पर शुरू होगी और 8 सितंबर को शाम 07 बजकर 58 मिनट पर समाप्त होगी. इसलिए उदयातिथि के अनुसार, ऋषि पंचमी का व्रत 8 सितंबर को ही रखा जाएगा.

ऋषि पंचमी पूजा विधि

  • ऋषि पंचमी के दिन एक साफ जगह पर आसन बिछाकर उस पर एक चौकी रखें. चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं.
  • चौकी पर सप्तऋषियों का चित्र या मूर्ति स्थापित करें और एक कलश स्थापित करें और उसमें गंगाजल भरें.
  • कलश को आम के पत्ते और फूलों से सजाएं और दीपक जलाकर वातावरण को पवित्र करें.
  • कलश से जल लेकर सप्तऋषियों को अर्ध्य दें और धूप-दीप दिखाएं.
  • पूजा के समय सप्तऋषियों को फल और मिठाई का भोग लगाएं.
  • सप्तऋषियों के मंत्रों का जाप करें और अंत में सप्तऋषियों से आशीर्वाद लें.

ऋषि पंचमी का महत्व

मान्यता है कि ऋषि पंचमी के दिन व्रत रखने से सप्तऋषियों के आशीर्वाद से घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है. इस दिन पूरे देश में श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ सप्त ऋषियों की अराधना करते हैं और अपने जीवन को धर्ममय बनाने की कामना करते हैं. ऋषि पंचमी के इस पवित्र अवसर पर सभी भक्तजन अपने मन को पवित्र और सच्चे आस्था से ऋषियों की पूजा करते हैं और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.

ऋषि पंचमी के दिन सप्त ऋषियों के स्वर्ण की प्रतिमा बनाकर किसी योग्य ब्राह्मण को दान करने से अनंत पुण्य फल की प्राप्ति होती है. सप्तऋषियों के आशीर्वाद से लोगों को किसी प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता है और जीवन में खुशियां बनी रहती हैं.

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम