(Yashbharat.Com) रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा जिले से पुलिस महकमे को झकझोर देने वाली एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। रीवा के विश्वविद्यालय थाने में पदस्थ आरक्षक पीयूष मिश्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई है। उन्होंने दो दिन पूर्व पुलिस लाइन स्थित अपने शासकीय/निजी आवास में अज्ञात कारणों और अत्यधिक मानसिक तनाव के चलते जहरीले पदार्थ (कीटनाशक) का सेवन कर लिया था। इस घटना के बाद से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था।
आई सी यू में चल रहा था इलाज
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरक्षक पीयूष मिश्रा ने गुरुवार शाम को अपने आवास पर जहरीला पदार्थ खा लिया था। जब परिजनों ने उन्हें बेसुध हालत में देखा, तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस अधिकारियों को दी गई। आनन-फानन में पुलिस उन्हें गंभीर हालत में शहर के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल (SGMH) लेकर पहुंची, जहां उन्हें आईसीयू में भर्ती कर डॉक्टरों की विशेष टीम द्वारा लगातार बचाने का प्रयास किया जा रहा था। उपचार के दौरान आखिरकार उनकी सांसें थम गईं।
कमरे से मिले दवाइयों के रैपर और सुसाइड नोट
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी तुरंत अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। मौके पर पहुंची फॉरेसिंक टीम ने आरक्षक के कमरे की बारीकी से जांच की है। जांच के दौरान कमरे से दवाइयों के रैपर और एक सुसाइड नोट मिलने की बात सामने आ रही है, हालांकि पुलिस अधिकारियों ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह की आशंका
आरक्षक ने इतना बड़ा खौफनाक कदम क्यों उठाया, फिलहाल इसकी पुख्ता वजह सामने नहीं आ सकी है। शुरुआती सूत्रों के हवाले से पारिवारिक कलह और ड्यूटी के अत्यधिक दबाव को इस घटना का संभावित कारण माना जा रहा है। बहरहाल, विश्वविद्यालय थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मामले की हर एंगल से गहनता से जांच कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि कमरे से मिले साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।














