RBI Press Conference Update : RBI ने फिर की रिवर्स रेपो रेट में 0.25 फीसद की कटौती, बैंक क्रेडिट फ्लो में छूट पर मंथन

नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के बीच अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। गवर्नर ने कहा कि वैश्विक मंदी के अनुमान के बीच भारत की विकास दर अब भी पॉजिटिव रहने का अनुमान है और IMF के मुताबिक यह 1.9 फीसद रहेगी। उन्होंने कहा कि कोरोना के प्रकोप को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) बहुत सक्रिय है और हर स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है।
शक्तिकांत दास की प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें
आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट 0.25 फीसद घटाकर 3.75 फीसद किया।
आरबीआई ने कहा एलटीआरओ की रकम से बैंक विभिन्न एनबीएफसी की करें।
नाबार्ड, सिडबी और नेशनल हाउसिंग बैंक के लिए आरबीआई ने राहत की घोषणा की।
नाबार्ड, सिडबी और नेशनल हाउसिंग बैंक को 50000 करोड़ की मदद।
नाबार्ड को स्पेशल रिफाइनेंस के तहत 25,000 करोड़ रुपये मिलेंगे।
आरबीआई ने कहा एलटीआरओ की रकम से बैंक विभिन्न एनबीएफसी की करें।
नाबार्ड, सिडबी और नेशनल हाउसिंग बैंक के लिए आरबीआई ने राहत की घोषणा की।
नाबार्ड, सिडबी और नेशनल हाउसिंग बैंक को 50000 करोड़ की मदद।
नाबार्ड को स्पेशल रिफाइनेंस के तहत 25,000 करोड़ रुपये मिलेंगे।
आरबीआई LTRO के जरिए सिस्टम में 50,000 करोड़ रुपये डालेगा।
ATM 91 फीसद क्षमता के साथ काम कर रहे हैं।
लॉकडाउन में मोबाइल और नेटबैंकिंग में कोई परेशानी नहीं है।
सिस्टम में लिक्विडिटी बनाए रखने के लिए आरबीआई ने नए कदमों का एलान किया।
बैंक क्रेडिट फ्लो में छूट के लिए नए प्रस्तावों पर विचार।
27 मार्च के बाद लिक्विडिटी में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई।
वैश्विक अर्थव्यवस्था भारी मंदी में जा सकती है
27 मार्च के बाद मैक्रोइकोनॉमिक स्थिति में कमी आई।
भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 1.9 फीसद रहने की है उम्मीद।
मार्च में सर्विसेज पीएमआई में गिरावट दर्ज की गई।
मार्च 2020 में निर्यात की स्थिति काफी ज्यादा खराब रही।
लॉकडाउन के बावजूद कृषि क्षेत्र में बुवाई की स्थिति बेहतर रही है।
सामान्य मानसून के अनुमान से ग्रामीण क्षेत्रों से बेहतर मांग की है उम्मीद।
फॉरेक्स रिजर्व अभी 476.5 अरब का है जो पर्याप्त है।
कोरोना संकट को रोकने की हर संभव कोशिश करेगा रिजर्व बैंक
कोरोना से बने हालात पर आरबीआई की है पैनी नजर
लिक्विडीटी मैनेजमेंट और फाइनेंशियल सुपरविजन की है तैयारी
आरबीआई ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था भारी मंदी में जा सकती है
जी-20 इकोनॉमी में भारत की जीडीपी ग्रोथ सबसे बेहतर रहने की है उम्मीद








