Latestव्यापार

RBI:रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं , जानिए बड़ी बातें

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को गिरते रुपए के बावजूद ब्याज दरों को यथावत रखा है। खबरों के अनुसार मौद्रिक नीति की समीक्षा के बाद फैसले की घोषणा करते हुए रिजर्व बैंक के गवर्नर ने रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया।

आरबीआई ने इसे 6.50 फीसद पर स्थिर रखा है। वहीं रिवाइज रेपो रेट 6.25 फीसद है जबकि इनफ्लेशन रेट 4 फीसद रहेगा। वहीं रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 7.4 फीसद पर बरकरार रखा। वित्त वर्ष 2019-20 में वृद्धि 7.6 फीसद पहुंचने का अनुमान जताया गया है। वित्त वर्ष 2019-20 में वृद्धि 7.6 फीसद पर पहुंच सकती है।

बता दें कि MPC के 6 सदस्यों में से 5 ने ब्याज दर नहीं बढ़ाने को लेकर वोट किया। आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा कि रियल टर्म्स में रुपये में गिरावट 5 फीसद के आसपास रही है। यह दूसरी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले में काफी कम है। केंद्र सरकार की तरफ से एमएसपी में इजाफे के असर पर बोलते हुए पटेल ने कहा कि अभी इसके असर को लेकर अनिश्चितता का माहौल है।

बैठक से पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि आरबीआई दरों में बदलाव कर सकता है। इससे पहले अगस्त में ब्याज दरें बढ़ाई गई थीं। तब रेपो रेट में 0.25 फीसद का इजाफा किया गया था।

भारतीय रिजर्व बैंक मुद्रा और शेयर बाजार को चौंकाते हुए ब्याज दर में कोई परिवर्तन नहीं किया है। रेपो रेट को 6.5 फीसद पर बरकरार रखा गया है। बाजार में यह उम्मीद की जा रही थी कि रेपो रेट कम से कम चौथाई फीसद बढ़ेगी। रेपो रेट वह दर है जिसपर बैंको को आरबीआई कर्ज देता है। बैंक इसी कर्ज से ग्राहकों को ऋण देते हैं।

रिजर्व बैंक के इस घोषणा के बाद डॉलर के मुकाबले रुपए में तेजी से गिरावट हुई और यह नई उंचाई 74.12 के स्तर पर पहुंच गया। केन्द्रीय बैंक की इस मौद्रिक नीति से लोगों के लिए यह बात स्पष्ट हो गई कि फिलहाल लोन महंगा नहीं होगा। यानि उनकी ईएमआई नहीं बढ़ेगी।

आरबीआई ने कहा है कि फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोत्तरी के अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगे क्रूड ऑयल के कारण आने वाले समय में महंगाई तेजी से बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। रिजर्व बैंक का यह भी अनुमान है कि देश में पूंजी की उपलब्धता यानि लिक्विडिटी की कमी की भी आशंका है।

Leave a Reply

Back to top button