रामनरेश हत्याकांड: निलंबित SDM करुण डहरिया समेत 4 के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल; अवैध वसूली और पद के दुरुपयोग का खुलासा
बलरामपुर:रामनरेश हत्याकांड: निलंबित SDM करुण डहरिया समेत 4 के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल; अवैध वसूली और पद के दुरुपयोग का खुलासा। जिले के चर्चित हंसपुर निवासी रामनरेश हत्याकांड में पुलिस ने एक बेहद बड़ी और महत्वपूर्ण कानूनी कार्रवाई पूरी कर ली है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में मुख्य आरोपी और निलंबित एसडीएम (SDM) करुण डहरिया समेत चारों आरोपितों के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत के समक्ष आधिकारिक तौर पर आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दिया है।
रामनरेश हत्याकांड: निलंबित SDM करुण डहरिया समेत 4 के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल; अवैध वसूली और पद के दुरुपयोग का खुलासा
करीब 200 से अधिक पन्नों के इस विस्तृत चालान में पुलिस ने तत्कालीन एसडीएम करुण डहरिया के खिलाफ बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आपराधिक कृत्यों का कच्चा चिट्ठा खोला है।
चार्जशीट में SDM पर लगे ये गंभीर आरोप
विवेचना टीम द्वारा अदालत में पेश किए गए चालान में निलंबित प्रशासनिक अधिकारी करुण डहरिया पर पद का खौफ दिखाकर कानून को ताक पर रखने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं:
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अवैध वसूली का खेल: आरोप पत्र के अनुसार, तत्कालीन एसडीएम अपने पद का दुरुपयोग कर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध वसूली के सिंडिकेट को संचालित कर रहे थे।
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अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्रवाई: पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि एसडीएम ने कई ऐसे आदेश जारी किए और कार्रवाइयां कीं, जो कानूनी रूप से उनके अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) में आती ही नहीं थीं।
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वैधानिक प्रक्रिया का उल्लंघन: किसी भी प्रशासनिक या दंडात्मक कार्रवाई के लिए तय की गई न्यूनतम वैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह से उल्लंघन किया गया, जिसके परिणामस्वरूप अंततः रामनरेश की जान चली गई।
32 गवाह और पुख्ता डिजिटल सबूत शामिल
पुलिस ने इस मामले को कोर्ट में पूरी मजबूती से स्थापित करने के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों का एक बड़ा जाल बुझाया है। 200 पन्नों की इस चार्जशीट में निम्नलिखित मुख्य कड़ियों को जोड़ा गया है:
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गवाहों के बयान: मामले से जुड़े कुल 32 गवाहों के महत्वपूर्ण बयान दर्ज कर चालान में शामिल किए गए हैं।
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साइबर और डिजिटल साक्ष्य: आरोपियों के मोबाइल फोन की लोकेशन, वारदात के समय की कॉल डिटेल्स (CDR) और अन्य अकाट्य डिजिटल फॉरेंसिक सबूतों को केस डायरी का हिस्सा बनाया गया है।
वर्तमान में निलंबित एसडीएम करुण डहरिया समेत मामले के सभी चारों आरोपी जेल की सलाखों के पीछे (न्यायिक हिरासत में) बंद हैं।
जल्द पेश होगा ‘पूरक चालान’ (Supplementary Chargesheet)
बलरामपुर पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की चौतरफा घेराबंदी के लिए जांच अभी पूरी तरह बंद नहीं हुई है। कुछ विशेष तकनीकी फॉरेंसिक रिपोर्ट और महत्वपूर्ण कड़ियों से जुड़े प्रशासनिक दस्तावेज अभी मिलने बाकी हैं। जैसे ही ये लंबित तकनीकी दस्तावेज और जांच रिपोर्ट पुलिस को प्राप्त होंगी, अदालत के समक्ष इस मामले का एक पूरक चालान (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) भी प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।

